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जहां से 100 टन कचरा निकलता है, वहां पर जैविक खाद बनाई जाए

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जहां से 100 टन कचरा निकलता है, वहां पर जैविक खाद बनाई जाए
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। भारत सरकार के शहरी मंत्रालय ने तरल कचरे से कंपोस्ट अथवा जैविक खाद बनाने पर जोर दिया है। मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों के मिशन निदेशक तथा नगर निगमों को इस दिशा में अपेक्षित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देर्शों में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे प्रतिष्ठान जहां प्रत्येक दिन कम से कम 100 किलोग्राम कचरा निकलता है, उसे प्रोसेस करके कंपोस्ट खाद बनाई जाए। नगर निगम की आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने आज इस संबंध में बताया कि नगर नगिम सीमा में ऐसे सभी होटल, ढाबे, बेंकेट हाल, होस्टल, आईसीएआर के अनुसंधान केंद्र, सब्जी मंडी, शुगर मिल तथा शैक्षणिक संस्थाएं जहां एक दिन में कम से कम 100 किलोग्राम तरल कचरा जेनरेट होता है, उन्हें अपने परिसर में ही मशीन लगाकर कंपोस्ट खाद बनानी होगी। ऐसा करना म्यूनिसिपल सोलिड वेस्ट (एमएसडब्ल्यू) नियम 2016 के तहत अनिवार्य भी है। उन्होंने बताया कि वैसे भी जो प्रतिष्ठान कूड़ा-कचरा पैदा करता है, उसके निस्तारण की जिम्मेवारी भी उसी की है। तरल कचरे से एक बेहतर जैव खाद बनती है, जो खेतों, पौधों, पार्कों में डालने के लिए श्रेष्ठ है। प्रतिष्ठान ऐसी खाद बनाकर अपने स्तर पर उसकी मार्किटिंग कर सकते हैं। अपने पार्कों व पौधों में डाल सकते हैं तथा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए उसके पैकेट बनाकर निशुल्क वितरित भी कर सकते हैं।
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आयुक्त ने नगर निगम सीमा में स्थित होटल, ढाबों, बैंकट हाल या ऐसे प्रतिष्ठान जहां एक दिन में कम से कम 100 किलोग्राम कचरा निकलता है, को सूचित करते हुए कहा है कि वे अपने-अपने परिसर में तरल कचरे से कम्पोस्ट बनाने की मशीन लगाएं। ऐसा करके अपने शहर, राज्य व देष को स्वच्छ बनाने में सहयोग द
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