करनाल। सुप्रीम कोर्ट में लंबित करीब 14 साल पुराने मुकदमे का प्री-लोक अदालत में दोनों पक्षों के आपसी समझौते से निपटारा कर दिया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा के मार्गदर्शन में सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी यादव ने मामले की सुनवाई की।
इस दौरान सीजेएम मीनाक्षी यादव, सुमीर अग्रवाल और सतीश कुमार अरोड़ा ने दोनों पक्षों के बीच काउंसिलिंग सेशन किया। काउंसिलिंग के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और अधिवक्ता संजीव वोहरा व वर्षा रानी ने भी इस पर सहमति जताई। सभी के संयुक्त प्रयासों से करीब 14 वर्षों से लंबित मुकदमे का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा हो गया।
सीजेएम मीनाक्षी यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में 21 से 23 अगस्त तक लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। इसी कड़ी में जिला करनाल से संबंधित मामलों को प्री-लोक अदालत के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष रखा जा रहा है, ताकि पक्षकार आपसी सहमति से लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान कर सकें।
उन्होंने दोनों पक्षों को मुकदमे के निपटारे पर बधाई दी और लोगों से अपील की कि वे आपसी समझौते और सौहार्दपूर्ण तरीके से मुकदमों का निपटारा करने की दिशा में आगे आएं। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने से समय और संसाधनों की बचत होती है और पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से भी राहत मिलती है।