प्रदेश के निजी स्कू लों में 134-ए के तहत 10 प्रतिशत सीटों पर होने वाले दाखिलों के ड्रा पर शिक्षा निदेशालय ने आगामी निर्देशाें तक रोक लगा दी है। इससे ड्रा देखने बीईओ कार्यालय पहुंचे अभिभावक भड़क गए। अभिभावकों ने बीईओ कार्यालय पर ही शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लेकिन विभाग के अधिकारियों से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर अभिभावकों ने गवर्नमेंट ब्वायज स्कूल के सामने चौक पर जाम लगा दिया।
सूचना पाकर अभिभावकों को शांत करने पहुंची डीईईओ सरोज बाला गुर ने अभिभावकों को अंतिम फैसले के लिए चार बजे तक इंतजार करने की बात कही। लेकिन अभिभावकों ने डीईईओ को उसकी टीम के साथ ही फैसला न आने तक बीईओ कार्यालय में बंधक बना लिया। शाम को करीब चार बजे तहसीलदार ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर डीईईओ व उसकी टीम को छुड़वाया। लेकिन 134-ए के ड्रा पर अभी तक विभाग कोई फैसला नहीं आया है।
शिक्षा निदेशालय द्वारा सोमवार को प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में 134-ए के तहत होने वाले गरीब परिवारों के बच्चों का एडमिशन ड्रा निकालना था। दाखिलों का ड्रा देखने के लिए अभिभावक भी नौ बजे से पहले ही बीईओ कार्यालय पहुंच गए। विभाग द्वारा ड्रा निकालने का समय नौ बजे निर्धारित किया गया था। लेकिन करीब सवा नौ बजे बीईओ कार्यालय के एक कर्मचारी ने एक नोटिस चस्पा किया, जिसमें लिखा था कि 134-ए के ड्रा को विभाग ने आगामी निर्देशों तक स्थगित कर दिया है। इसकी सूचना मिलते ही ड्रा का इंतजार कर रहे अभिभावक भड़क गए।
अभिभावकों ने कार्यालय पर ही विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जब वहां पर अभिभावकों को अधिकारियों की तरफ से कोई रिस्पांस नहीं मिला तो अभिभावकों ने बस स्टैंड से रेलवे रोड की ओर जाने वाली सड़क पर गवर्नमेंट ब्वायज स्कूल के सामने सरकार का पुतला जलाकर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटो तक जाम लगने से रेलवे रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इससे लोगों को आने जाने में भी परेशानी हुई। जाम की सूचना पाकर अभिभावकों को शांत करने पहुंची डीईईओ सरोज बाला गुर ने अभिभावकाें को चंडीगढ़ में चल रही विभाग की मीटिंग का हवाला देकर चार बजे तक फैसला आने की बात कही।
अभिभावकों ने डीईईओ व दो बीईओ सहित उनके साथ आए अन्य कर्मचारियों को भी बीईओ कार्यालय में बंधक बना लिया। सभी अभिभावक बीईओ कार्यालय के गेट पर बैठ गए। करीब ढाई घंटों के बाद तहसीलदार अश्वनी गंभीर सिटी व सदर दोनों थानों के एसएचओ के साथ बीईओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों की मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन देकर डीईईओ व कर्मचारियों को छुड़वाया।
ड्रा के इंतजार में अभी तक नहीं करवाए बच्चों के दाखिले
अभिभावक पुष्पा, रेखा, सुनीता, महावीर, संदीप, मनोज कुमार, आदि ने बताया कि सरकार और शिक्षा विभाग ने गरीबों का मजाक उड़ाने का काम किया है। शिक्षा का नया सत्र शुरू हुए 18 दिन हो गए हैं। अभी तक ड्रा के इंतजार में उन्होंने अपने बच्चों के दाखिले भी नहीं करवाए हैं। हर बार विभाग जानबूझकर ड्रा निकालने में देरी करता है। ताकि लोगों को इस योजना का लाभ न मिल सके। शिक्षा निदेशालय प्राइवेट स्कूलों को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह की घिनौनी हरकत कर रहा है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा पिछली बार भी मई में ड्रा निकाला गया था। इससे ज्यादातर बच्चों के दाखिलेे हो चुके थे। इस बार भी विभाग उसी मंशा के साथ ड्रा निकालने में देरी कर रहा है।
ड्रा के इंतजार में जिले के छह हजार छात्र
134-ए के दाखिलों के लिए इस बार जिलेभर से छह हजार आवेदन आए हैं। लेकिन स्कूलों खाली सीटों की संख्या महज दो हजार है। ऐसे में आवेदन करने वाले सभी छात्रों का प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने का सपना टूटता नजर आ रहा है। वहीं ड्रा के स्थगित होने से उनके इंतजार की घड़ियां भी अब लंबी हो गई हैं। अब इस ड्रा को भूलकर सरकारी या प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेना उन छात्रों की मजबूरी हो गई है। विभाग के इस फैसले से अभिभावकों पर दोहरा बोझ पड़ना अब तय है।
वर्जन
शिक्षा निदेशालय द्वारा आगामी निर्देशों तक 134-ए के ड्रा को रोकने के निर्देश दिए हैं। जब विभाग के आदेश होंगे तो ड्रा निकाला जाएगा। अब आगामी निर्देश कब होंगे इसकी कोई जानकारी नहीं है।
- सरोज बाला गुर, जिला मौलिक शिक्षाधिकारी करनाल।