अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा पुलिस के सिपाही पद पर भर्ती के लिए रविवार को करनाल और घरौंडा के 73 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई। इस परीक्षा में सुबह और शाम सत्र में 66.4 प्रतिशत 29855 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। 33 प्रतिशत 15347 परीक्षार्थी परीक्षा देने ही नहीं आए। यदि दो दिसंबर को हुई एसआई पद की परीक्षा की बात करें तो उससे 4 प्रतिशत अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देने आए हुए थे।
सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से हुई। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए हरियाणा पुलिस के डीजीपी बीएस संधु और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक लॉ एंड आर्डर अकील मोहम्मद करनाल पहुंचे और उन्होंने परीक्षा केंद्र में जाकर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम देखे। इस दौरान उनके साथ करनाल एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया भी थे। परीक्षा केंद्रों पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था जांची और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए। परीक्षा शुरू होने से पहले सभी परीक्षार्थियों की चेकिंग की गई और फिर उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने दिया। परीक्षा केंद्रों में सामान रखने की जगह न मिलने के कारण परीक्षार्थियों को पहले की तरह परेशानी झेलनी पड़ी और आस-पास की दुकानों पर 20 से 30 रुपये में सामान रखकर परीक्षा देनी पड़ी। परीक्षा के बाद शहरवासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा, टोल टैक्स घरौंडा में भी लगा रहा जाम।
45202 में से परीक्षा देने आए 29855
सिपाही पद की परीक्षा के लिए करनाल में 67 परीक्षा केंद्र बनाए हुए थे, जिनमें सुबह 20728 और शाम को भी 20728 परीक्षार्थियों ने परीक्षा देनी थी। इसी प्रकार, इस बार घरौंडा में भी 6 परीक्षा केंद्र बनाए हुए थे, जिनमें दोनों सत्रों में 2744 परीक्षार्थियों ने परीक्षा देनी थी, लेकिन सभी 73 परीक्षा केंद्रों पर 45202 में से 29855 परीक्षार्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। सुबह के सत्र में 15238 और शाम सत्र में 14617 परीक्षार्थी परीक्षा देने आए थे। यदि दो दिसंबर को एसआई पद के लिए हुई परीक्षा की बात करें तो उस परीक्षा में महिला और पुरुष दोनों 62 प्रतिशत यानी 25821 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी थी।
फुटपाथ पर लेटे गुजारी रात, प्रशासन की ओर से नहीं थी कोई व्यवस्था
परीक्षा देने के लिए प्रदेशभर से परीक्षार्थी आए हुए थे दो सत्र में परीक्षा होने के कारण रात को ही परीक्षार्थी शहर में पहुंच गए थे। रात को कोई रेलवे स्टेशन पर सोया तो कोई गुरुद्वारे में, कुछ धर्मशाला में भी सोए, लेकिन जिन्हें इनमें से कहीं जगह नहीं मिली तो वे फुटपाथ पर भी सोते नजर आए। इससे अलग रातभर सड़कों पर परीक्षार्थी घूमते नजर आए। दोपहर को भी परीक्षार्थियों ने फुटपाथ पर लेटकर अपनी थकान दूर की। प्रशासन की ओर से इन परीक्षार्थियों के लिए ठहरे का कोई इंतजाम नहीं किया गया यदि प्रशासन ऐसा करता को इन परीक्षार्थियों को फुटपाथ पर रात नहीं गुजारनी पड़ी।
टेंट लगाकर परीक्षार्थियों से बैग रखने के नाम पर ऐंठे दुकानदारों ने रुपये
हर बार की तरह इस बार भी परीक्षा केंद्रों में बैग रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मजबूरन परीक्षार्थियों को रुपए देकर परीक्षा केंद्र के पास दुकानों में बैग रखने पड़े। इन दुकानदारों ने तो टेंट लगाकर वहां बड़े-बड़े अक्षरों में लिख दिया कि बैग रखे के 20 रुपये। ये टेंट जिला प्रशासन ने भी देखे लेकिन इन पर कोई एक्शन नहीं मिला।
बस में चढ़ने के लिए हुई धक्का-मुक्की, रेलवे स्टेशन पर लगी रही लंबी लाइन
परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षार्थी घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पहुंचे। बस स्टैंड पर उन्हें जगह नहीं मिली। इतना ही नहीं बस में चढ़ने के लिए भी परीक्षार्थियों में धक्का मुक्की हुई। जिन्हें सीट नहीं मिली वे बस की छत पर चढ़ गए। वहीं, दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने के लिए ही लंबी लाइन लगी रही। उसके बार ट्रेन में भी चढ़ने के लिए परीक्षार्थियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी।