अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी 40 साल पुरानी करनाल सहकारी शुगर मिल का नवीनीकरण शुरू न किए जाने को लेकर क्षुब्ध किसानों ने आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। इस मामले को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले एकत्रित होकर किसानों ने कंडम हो चुकी इस मिल का नवीनीकरण करने तथा पिराई क्षमता बढ़ाने तक अनिश्चित काल के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। मिल परिसर स्थित किसान विश्राम गृह में आयोजित किसान पंचायत में 34 गांव के किसानों ने भाग लिया।
पंचायत की अध्यक्षता वृद्व किसान नेता व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर ने की। किसान पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि कंडम हो चुकी शुगर मिल के मामले को लेकर भाकियू लगातार आंदोलनरत है। हर बार किसानों को आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। अब आश्वासन नहीं बल्कि मिल का नवीनीकरण करवा कर ही दम लेंगे। मान ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की घोषणा के बाद भी संबंधित अधिकारियों की ओर से शुगर मिल का नवीनीकरण नहीं करवाया जा रहा है। अब किसान लामबंद होकर आरपार का आंदोलन करेंगे। इसके लिए 26 जुलाई से शुरू होने वाले किसान आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इस अवसर पर भाकियू के उत्तरी हरियाणा प्रभारी बलवान बदरान, प्रदेश संगठन सचिव डा. श्याम सिंह मान, जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान, खंड घरोंडा प्रधान विनोद राणा, खंड इंद्री प्रधान सतीश कलसोरा, राजिंद्र सागवान, भरतरी सिंह, जयपाल शर्मा, भलेराम, जोगिंद्र मान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
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40 साल पुरानी मिल हो चुकी है कंडम
करनाल सहकारी शुगर मिल वर्ष 1976 में निर्माण हुआ था। तकनीकी आधार पर भी कई वर्ष पूर्व इस मिल को कंडम घोषित किया जा चुका है। करीब 40 साल का सफर तय करने वाली यह मिल किसी भी सुरत में चलने के लायक नही रह गई है।
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मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद नही हुआ नवीनीकरण
गत वर्ष के सितंबर माह में नवीनीकरण को लेकर छेड़े गए आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर भाकियू प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया था। वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने मिल का नवीनीकरण करवाने का ऐलान किया था। लेकिन करीब 10 माह का समय बीत जाने के बाद स्थिति ज्यों की त्यों है।
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34 गांव के 82 किसानों की कमेटी का किया गठन
भाकियू द्वारा शुरू किए गए आंदोलन के संचालन के हेतु गठित की गई कमेटी में फिलहाल 82 किसानों को शामिल किया गया है। इनकी निगरानी में आंदोलन किया जाएगा। बताया गया है कि शेष बचे क्षेत्र के गांव के किसानों को कमेटी काफी लंबा अर्सा बीत जाने के बाद शुगर मिल का नवीनीकरण न होने से क्षुब्ध भाकियू ने किसान आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। आंदोलन के प्रथम चरण में आने वाली 26 जुलाई से विरोध स्वरूप मिल गेट पर अनिश्चितकाल के लिए किसान धरने पर बैठेंगे।
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संचालन कमेटी में ये हुए शामिल
किसान आंदोलन के संचालन के लिए गठित की गई कमेटी में गांव घौघडी पुर से सतबीर मान व राजपाल मान, मंगलोरा से इंद्रपाल, अरविंद, फते सिंह, विकास, महमदपुर से हजारी सिंह, मुल्तान सिंह, डबकौली से दिलावर सिंह, बलविंद्र सिंह, कुंजपुरा से हिसम सिंह, रामपाल व लालूपुरा गांव से गोवर्धन, कृष्ण सिंह, राजीव, शेरगढ़ टापू से विजयपाल, संदीप कुमार, नसीर पुर से प्रेम सिंह, राजिंद्र सिंह, पालाराम तथा शेखपुरा से रमन कुमार, रोशनलाल, भैणी खुर्द से प्रकाश, हरभजन सिंह, सुलतान पुर से महेंद्र सिंह, अजमेर सिंह, झिंझाडी से महाबीर, रणबीर सिंह, सदरपुर से अफसर अली, नफे सिंह, रांवर से कर्ण कुमार कालियां, श्रीराम व रींडल से बलमत सिंह, नरेश कुमार, सुहाना से बब्लू बदरान, शक्ति सिंह इसी प्रकार बड़ा गांव से तिलकराज, अशोक कुमार, सुरेंद्र, समय सिंह, ढ़ाकवाला गुजरानं से आनंद कुमार, श्याम सिंह चौहान, नबीपुर से संजीव, स्वतंत्र कुमार, जडौली से इनाम खान लंडौरा से पुरुषोतम व काछवा से ज्ञान घई, तेजेंद्र राठी आदि को शामिल किया है।