अब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी करेंगे पीसीआर और राइडर की मॉनीटरिंग, पुलिस कर्मचारी नहीं बरत पाएंगे ड्यूटी में कोताही
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शहर की सुरक्षा चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस अधीक्षक जश्नदीपसिंह रंधावा ने पीसीआर-राइडर की मॉनीटरिंग के लिए इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की नियुक्ति की है। फिलहाल थाना चौकी स्तर पर ही पीसीआर और राइडर की मॉनीटरिंग होती थी। पुलिस का दावा है कि इससे जनता को शुलभ और जल्दी न्याय मिलेगा। एसपी के आदेशानुसार अब थाना और चौकी के साथ-साथ इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को भी रोजाना रिपोर्ट देनी होगी। इससे पीसीआर-राइडर पर तैनात कर्मचारी डयूटी में कोताही नही बरत सकेंगे। इंस्पेक्टर शहर भर में घूमकर उनकी स्थित का जायजा लेंगे। जिस राइडर पर कर्मचारी नहीं मिलेगा, उसकी रिपोर्ट एसपी को दी जाएगी। बता दें कि जिले भर में क्राइम कंट्रोल के लिए 26 पीसीआर और 33 राइडर तैनात की गई हैं। 12-12 घंटे की ड्यूटी के दौरान पीसीआर पर तीन और राइडर पर दो कर्मचारी तैनात रहते हैं। वारदातों पर नकल कसने के लिए यह प्रयास किया गया है। एसपी जेएस रंधावा ने बताया कि इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को मॉनीटरिंग के लिए लगाने से कर्मचारियों की मुस्तैदी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे खासकर सेक्टरों में स्नेचिंग और चोरी की वारदातों में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि जैसे ही पीड़ित पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर कॉल करते हैं तो उस क्षेत्र की राइडर-पीसीआर को तुरंत सूचना दे दी जाती है। चार से पांच मिनट बाद पुलिसकर्मी को मौके पर पहुंचना होता है। इससे अपराधी प्रवृति के लोगों पर लगाम कसी जाती है।
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जीपीआरएस सिस्टम से पता लगती है लोकेशन
पुलिस की गाड़ियों पर जीपीआरएस सिस्टम लगा होता है। गाड़ी कहां है इसका तुरंत पता चल जाता है। कंट्रोल रूम में सभी गाड़ियों की लोकेशन आ जाती है और अधिकारी जांच कर सकते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में जरूरत के अनुसार पीसीआर-राइडर की तैनाती की गई है। ताकि लोगों की सुरक्षा बनी रहे। एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने कहा कि पुलिस जनता के सहयोग के लिए है। लोगों को भी पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
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