राइस मिलर्स से 20 लाख की अवैध वसूली मामले में एसआईटी गठित, डीएसपी को सौंपी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। फिजिकल वेरिफिकेशन के नाम पर राइस मिलर्स से 20 लाख रुपये की अवैध वसूली के गंभीर मामले में सिटी थाना पुलिस द्वारा बरती जा रही लापरवाही के मामले में एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने गंभीरता से लिया है। एसपी ने इस मामले में सिटी थाना प्रभारी तो तलब किया और उनकी खिंचाई की। इतना ही नहीं एसपी ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। इसकी जांच डीएसपी सिटी सुभाष चंद को सौंपी गई है। एसपी ने इस मामले में अब पीसी एक्ट (भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट) भी लगाने की तैयारी कर ली है।
बता दें कि जनवरी माह में राइस मिलर्स राजेंद्र रहेजा ने एसडीएम को एक ऑडियो रिकार्डिंग सौंपी थी, जिसमें मंडी सुपरवाइजर अरविंद कुमार मिलर्स से फिजिकल वेरिफिकेशन के नाम पर 20 लाख रुपये की मांग कर रहा है। इसके बाद मामले की जांच मार्केटिंग बोर्ड के जोनल प्रशासक डा. सुशील कुमार को सौंपी गई थी, लेकिन मामला सीएम तक पहुंचने के कारण 20 जनवरी को मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक मनदीप सिंह बराड़ करनाल आए थे और राइस मिलर्स से मीटिंग करने के बाद पांचों आरोपियों अधिकारियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिये थे। अगले दिन 21 जनवरी को राजेंद्र रहेजा की शिकायत पर एमडीओ सुनील शर्मा, डीएमईओ सौरभ चौधरी पंचकूला, मार्केट कमेटी की सचिव आशा देवी, मंडी सुपरवाइजर अरविंद कुमार व सतबीर सिंह के खिलाफ सिटी थाने में शिकायत दी। इसी आधार पर सिटी थाना पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद से सिटी थाना पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। कभी रिकार्ड के नाम पर तो कभी रिश्वत के सबूत मांगने के नाम पर मामले को लटकाया जाता रहा। अमर उजाला ने इस मामले को 19 मार्च को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशित होने के बाद एसपी जेएस रंधावा ने इस मामले पर संज्ञान लिया और सिटी थाना प्रभारी राजबीर सिंह को तलब किया। एसपी ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकर पूरे मामले की जानकारी ली और अब तक मामले को लटकाने पर खिंचाई की। एसपी ने इस मामले में तुरंत प्रभाव से एसआईटी (स्पेशनल इंवेस्टिगेशन टीम) गठित करने के आदेश दिये। टीम का नेतृत्व डीएसपी सिटी सुभाष चंद करेंगे, जबकि सीआईए व सिटी पुलिस इसमें सहयोगी सदस्य रहेंगे। बैठक के दौरान एसपी ने इस मामले में पीसी एक्ट लगाने पर विचार करने को कहा। गौरतलब है कि इससे पहले दर्ज की गई एफआईआर में केवल एक्सटार्शन करने की धारा लगाई है।
निष्पक्षता से होगी जांच : एसपी
इस बारे में एसपी जेएस रंधावा ने बताया कि इस मामले में पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी और पूरे केस को लेकर अपडेट ली गई है। इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है और डीएसपी स्तर के अधिकारी इसकी जांच करेंगे। इस मामले में अब पीसी एक्ट लगाने की भी तैयारी की जा रही है। मामले की निष्पक्षता के साथ जांच की जाएगी और आरोपी चाहे कितना ही बड़ा क्यों न हो, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बिना राइस मिल वालों को पैडी अलॉट करने वाले डीएफएससी नपे, छीनी कंट्रोलर की पावर
करनाल। नियमों को ताक पर रख कर अपने चहेतों जिनके पास राइस मिल तक नहीं है, को धान सीजन में मिलिंग के लिए पैडी अलॉट करने के मामले में आखिरकार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने संज्ञान ले लिया है। प्रारंभिक जांच में ही जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अनिल कुमार से कंट्रोलर की पावर छीन ली गई हैं। साथ ही उनके स्थान पर उनके ही जूनियर अधिकारी डीएफएसओ कुशल बूरा को डीएफएससी का चार्ज सौंपा गया है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि सीजन के दौरान विभाग में खूब गड़बड़ी की गई हैं और मनचाहे लोगों को पैडी अलाट कर दी थी। अब फिजिकल वेरिफिकेशन ने इसके खुलासे हो रहे हैं। विवादों में आने के कारण विभाग ने डीएफएससी अनिल कुमार से कंट्रोलर की पावर छीन ली और उन्हें केवल सीएमआर का इंचार्ज लगाया गया है।