अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। अगर कहीं आपको सड़क पर गड्डे दिखें तो तुरंत उसका फोटो खींचो और उसे प्रदेश सरकार के हरपथ पर अपलोड कर दें, इसके 24 घंटे बाद सड़क पर गड्ढे भर दिए जाएंगे। ये दावा प्रदेश सरकार करती है, लेकिन सीएम सिटी की बात करें तो यहां तो हर सड़क पर गड्ढे लोगों का स्वागत के लिए तैयार हैं। गड्ढों और टूटी सड़कों से बचने के लिए राहगीर और शहरवासी एक के बाद दूसरी सड़क अपनाते हैं, लेकिन गड्ढे यहां भी कम नहीं हैं। बड़ी बात ये है कि इन गड्ढों के कारण रोजाना बाइक सवार गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं, दूसरा सड़क पर पड़ी बजरी से वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। लापरवाही का आलम ये है कि प्रशासन के अधिकारी रोजाना इन्हीं गड्ढों के ऊपर से होकर गुजरते हैं, लेकिन उस समय अधिकारी आंखों पर चशमा लगा लेते हैं।
कर्ण नगरी को सीएम सिटी बने साढ़े तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन यहां के सड़कों के गड्ढे आज भी ऐसे ही हैं। जब सीएम शहर में आते हैं तो इन गड्ढों को रात-रात में भर दिया जाता है, लेकिन दो दिन बात उन्हीं गड्ढों से बजरी उखड़ने लगती है और वह वाहन चालकों के लिए परेशानी बन जाती है। मानसून से पहले नगर निगम, हुडा और पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से शहर की सड़कों पर पेंच लगाने का कार्य किया गया था। लेकिन ये पेंच 15 दिन भी नहीं टिक पाए, इनकी बजरी उखड़कर सड़क पर बिखर गई है। इस पर फिसलकर हर रोज दो पहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। मुगल कैनाल सड़क, नूर महल की ओर जाने वाली सड़क, सेक्टर-7, सेक्टर-13, सेक्टर-9, सेक्टर 8, कैैथल रोड, कैथल पुल, रेलवे रोड सहित अन्य सड़कों पर गहरे गड्ढ़े बने हुए हैं। इन सड़कों से दिन में हजारों वाहन चालक गुजरते हैं। इन वाहनों में अधिकारियों के वाहन भी शामिल हैं, लेकिन फिर भी सड़कों पर गड्ढ़े बरकरार हैं। इतना ही नहीं जिस सड़क पर जिलेभर के अधिकारियों के आवास हैं, वो ठंडी सड़क भी अब गड्डों की सड़क बनती जा रही है।
बजरी में फिसलती है स्कूटी व बाइक
सड़कों पर पेंच लगाने के बाद सारी बजरी उखड़ चुकी है और वह सड़क पर बिखर गई है। जब स्कूटी व बाइक सवार वहां से गुजरता है तो बाइक व स्कूटी का कई बार टायर फिसल जाता है और चालक सड़क पर गिर जाते हैं। ज्यादा तर महिलाएं चोटिल हो रही हैं, क्योंकि बजरी को देखकर वे स्कूटी के ब्रेक लगा देती हैं और फिर उनकी स्कूटी भी फिसल जाती है।
करनाल के हिस्से विकास के नाम पर केवल गड्ढे ही आये : सुमिता सिंह
इस बारे में पूर्व विधायक सुमिता सिंह ने कहा कि करनाल से विधायक चुनने के बाद मनोहर लाल सीएम तो जरूर बन गए, लेकिन करनाल के हिस्से आये केवल गड्डे। विकास के नाम पर सीएम ने करनाल में ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे लोगों को लाभ मिल सके। इन गड्ढे के बारे में भाजपा नेताओं को जवाब देना चाहिए। सरकार की न तो प्रशासन पर पकड़ है और न ही वह सही प्रकार से अधिकारियों से काम ले पा रही है। इससे बुरी और क्या बात होगी कि सीएम के शहर की सड़कें बदहाल हैं और उनको ठीक करने को कोई तैयार नहीं है।
बारिश का सीजन चल रहा है, इस कारण दिक्कत आई है। जहां जहां पर सड़कों पर गड्डे हैं, उनको भरने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आदेश दिये जाएंगे। शहर में पानी निकासी को लेकर पुख्ता प्रबंध किये हैं। कई दिन तक लगातार बारिश होने के कारण पानी निकासी में कुछ समय लगा है, इसलिए पानी जमा होने के कारण सड़कों पर गड्ढे बने हैं। जल्द ही इनको भरवाया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।