सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने भरी हुंकार, अब जेल भरने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सेक्टर-12 में आयोजित आक्रोश रैली में प्रदेशभर से विभिन्न विभागों से आए हुए हजारों कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। तीन घंटे तक चली इस आक्रोश रैली में कर्मचारियों ने जमकर प्रदेश के सीएम मनोहरलाल और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रैली के बाद गुस्साए कर्मचारी सीएम कैंप हाउस का घेराव करने के लिए चले, लेकिन पुलिस के बैरिकेट्स लगाकर रोकने से कर्मचारी भड़क उठे और बैरिकेट्स तोड़ डाले। इसके बाद नायब तहसीलदार ने सीएम कैंप हाउस से पहले ही बीच में कर्मचारियों का ज्ञापन लेकर उनकी 13 सितंबर को सीएम से बातचीत करवाने का आश्वासन दिया। रैली को लेकर शहर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। हरियाणा कर्मचारी महासंघ द्वारा आयोजित रैली कर्मचारियों ने आक्रोश रैली में प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। महासंघ के राज्य प्रधान कंवर सिंह यादव ने कहा कि मांगों को लेकर सरकार के साथ वह दो बार बैठक कर चुके हैं। विस्तार से चर्चा होने के बाद भी जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन पर कोई कार्रवाई न होना सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का सबूत है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। सरकार केवल समय गुजारना चाहती है, जिसे हरियाणा कर्मचारी महासंघ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रदेशाध्यक्ष ने एलान किया कि 7 नवंबर को कर्मचारी प्रत्येक जिला में अपनी गिरफ्तारी देकर जेल भरो आंदोलन की शुरूआत करेंगे। जब रैली में कर्मचारियों को आश्वासन देने के लिए कोई अधिकारी और सरकार का नुमाइंदा नहीं पहुंचा तो कर्मचारियों ने सीएम कैंप हाउस घेराव करने के चल पड़े। जहां से कुछ दूरी पर स्थित विद्युत सदन के बाहर पुलिस ने बैरिकेट्स लगाकर कर्मचारियों को रोक लिया। इससे कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ गया और वह बैरिकेट्स तोड़कर आगे बढ़े। कैंप हाउस से पहले ही नायब तहसीलदार राज बक्स ने कर्मचारियों को रोककर उनका ज्ञापन लिया और 13 सितंबर को सीएम से बातचीत के लिए बैठक का समय दिया। इसके बाद कर्मचारी अपने घरों को लौट गए। रैली को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा। ताकि कोई उपद्रव न हो। रैली की अध्यक्षता महासंघ के प्रदान कुंवर सिंह यादव और मंच संचालन महासचिव वीरेंद्र धनखड़ ने किया।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
1. समान काम समान वेतन लागू करना।
2. सभी कच्चे, ठेके पर लगे, तदर्थ आधार पर या गेस्ट अध्यापकों के तौर पर लगे कर्मचारियों को पक्का करना।
3. रिक्त पड़े पदों पर तुरन्त नियमित भर्ती करना और कैशलेश मेडिकल सुविधा देना।
4. रोडवेज, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनरेगा, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्करज में निजीकरण प्रथा को बंद करना।
5. रोडवेज में 10000 नई बसों को बेड़े को शामिल करना।
6. बिजली बोर्ड की थर्मल यूनिटों को निजी हाथों में देने पर रोक लगाना सहित अन्य मांगे।
आगे आगे पुलिस तो पीछे पीछे दौड़े कर्मचारी
सीएम कैंप हाउस का घेराव करने पहुंचे कर्मचारियों ने विद्युत सदन के पास लगाए बैरिकेट्स को तोड़ दिया। पुलिस कर्मचारी नए होने के कारण वह कर्मचारियों की भीड़ को संभाल नहीं पाए और बैरिकेट्स टूटने के बाद कर्मचारियों के आगे आगे भागते रहे। पुलिस कर्मचारी कैंप हाउस के पास लगाए बैरिकेट्स के पास पहुंचे। ताकि सभी कर्मचारियों को वहीं पर रोका जा सके। इसी के साथ कर्मचारी भी पुलिस के पीछे पीछे दौड़ते रहे और नारेबाजी करते रहे। बाद में नायब तहसीलदार ने बीच रास्ते में ही ज्ञापन ले लिया।
इन नेताओं ने किया संबोधित
आक्रोश रैली को महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व परिसंघ नेता विश्वनाथ शर्मा, मुख्य संगठन सचिव कुल भूषण शर्मा, वित्तसचिव दिलबाग अहलावत, मुख्य प्रवक्ता महावीर पहलवाल सहित महासंघ से संबधित सभी संगठनों के राज्य प्रधान व महासचिव व अन्य नेताओं ने संबोधित किया।