अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर महिला व पुरुष पद के लिए परीक्षा रविवार को 67 परीक्षा केंद्रों पर दो सत्र में हुई। इस परीक्षा में सुबह पुरुषों और शाम को महिलाओं ने परीक्षा दी। एसआई पद के लिए हुई लिखित परीक्षा में सुबह के सत्र में 20728 पुरुषों ने परीक्षा देनी थी, लेकिन 67 प्रतिशत 13956 पुरुषों ने ही परीक्षा दी। इसी प्रकार, शाम सत्र में महिलाओं की परीक्षा हुई। इसमें भी 20728 महिलाओं को परीक्षा देने के लिए आना था, लेकिन महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से दस प्रतिशत कम रही, 57 प्रतिशत महिलाओं ने ही 11915 ने परीक्षा दी। परीक्षा केंद्र में एंट्री करने से पहले ही सभी परीक्षार्थियों की चेकिंग की गई। इस दौरान आईडी व रोल नंबर के साथ ही अंदर जाने दिया बाकी की सभी चीजें बाहर रखवा ली। परीक्षा के दौरान दिनभर शहर में जाम की समस्या रही।
एडीजीपी व आईजी पहुंचे परीक्षा केंद्र में
परीक्षा के दौरान निरीक्षण के लिए एडीजीपी लॉयन ऑर्डर अखिल महोम्मद पहुंचे और उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर जाकर जांच की और सुरक्षा व्यवस्था जांची। इसी दौरान सीएम फ्लाइंग के आईजी राजिंद्र ने भी परीक्षा केंद्रों को दौरा कर जांच की। इस दौरान उनके साथ एसपी करनाल सुरेंद्र सिंह भौरिया भी मौजूद रहे।
शहर में लगा जाम, गाड़ियों में आए थे परीक्षार्थी
परीक्षा शुरू होने व खत्म होने पर शहर में हर चौक चौराहे पर जाम लगा रहा। क्योंकि अधिकतर परीक्षार्थी अपनी-अपनी गाड़ियों में परीक्षा देने के लिए आए हुए थे। रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर भी परीक्षार्थियों की भीड़ लगी रही। रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों ने भंडारे में खाना खाकर भूख मिटाई।
लड़कियां बोली, अभी भी हो रहे हैं महिलाओं पर अत्याचार
परीक्षा देने आई दीपिका, शिवानी, मन्नत, रेखा, अवंतिका आदि ने कहा कि आज भी महिलाओं पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं। महिलाओं को अपने अधिकारों को जानने की आवश्यकता है। वह पुलिस विभाग में जाकर महिलाओं के अत्याचार को कम करने का प्रयास करेंगी और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी करेंगी ताकि उन्हें जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके।
चूड़ा उतारने को कहा तो परीक्षा ही छोड़ दी
शाम सत्र में परीक्षा केंद्र एसडी मॉडल स्कूल में जब कुरुक्षेत्र की नव विवाहिता दीपिका परीक्षा देने के लिए एंट्री की तो कर्मचारियों चेकिंग के दौरान दीपिका को हाथों से चूड़ा निकालने के लिए कहा तो उसने कहा कि वह निकाल नहीं सकती, तो कर्मचारियों ने कहा कि यह निकालना पड़ेगा। इतना सुनते ही दीपिका बिना परीक्षा दिए घर लौट गई। बता दें इस परीक्षा में पुरुषों की तुलना में दस प्रतिशत लड़कियों की भागीदारी कम रही। हर परीक्षा केंद्रों की जांच के लिए 16 फ्लाइंग बनाई हुई थी, जिन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों को निरीक्षण किया। इस परीक्षा केंद्र पर पुलिस विभाग की सीधी नजर थी। एडीजीपी व सीएम फ्लाई के आईजी ने भी परीक्षा केंद्रों को दौरा कर जांच की।