मंडियों में यूपी के व्यापारियों का गेहूं बिका तो मार्केट कमेटी सचिव के खिलाफ होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जिलेभर की अनाज मंडियों में यूपी के व्यापारियों द्वारा लाए गए गेहूं के मामले को आखिरकार प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने एफसीआई, वेयर हाउस, मंडी बोर्ड, हैफेड व डीएफएससी विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। एसीएस ने सभी अधिकारियों को यूपी के गेहूं को लेकर सख्त निर्देश दिये कि यूपी का गेहूं किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। वहीं, इस मामले में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक ने प्रदेशभर के मार्केट कमेटी सचिवों व जोनल अधिकारियों को पत्र लिखकर आगाह किया है। पत्र में साफ चेतावनी दी गई है कि अगर किसी मंडी में यूपी के व्यापारियों द्वारा ट्रकों व कैंटरों में गेहूं लाया और बेचा गया तो संबंधित मार्केट कमेटी सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि मंडियों में बिक रहे यूपी के व्यापारियों के गेहूं के मामले को अमर उजाला लगातार प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा है। इसका असर ये रहा कि विभाग के एसीएस रामनिवास ने सभी खरीद एजेंसियों के आला अधिकारियों की बैठक ली और अब तक खरीद व उठान के बारे में जानकारी ली। बैठक में यूपी, पंजाब व अन्य राज्यों के व्यापारियों द्वारा प्रदेश की मंडियों में बेचे जा रहे गेहूं का मुद्दा छाया रहा। एसीएस ने इस मामले में गंभीरता दिखाने के आदेश दिये, साथ ही कहा कि केवल किसान ही कहीं पर भी अपनी फसल बेच सकता है न कि व्यापारी। इस मामले में गंभीरता दिखाई जाए। इसके बाद मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक मनदीप सिंह बराड़ की ओर से प्रदेशभर की मंडियों के सचिवों को पत्र जारी कर सख्त आदेश कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। अगर किसी मंडी में दूसरे प्रदेश के व्यापारियों का गेहूं बिकता पाया गया तो संबंधित मार्केट कमेटी के सचिव के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
तरावड़ी में दस आढ़तियों के रद्द हुए लाइसेंस, दूसरी मंडियों में खानापूर्ति
यूपी के व्यापारियों का गेहूं खरीदने पर तरावड़ी मार्केट कमेटी के सचिव दस आढ़तियों को लाइसेंस सस्पेंड किये थे, इसके अलावा, इसी प्रकार करनाल, घरौंडा, कुंजपुरा, घीड़ और निसिंग में यूपी के व्यापारियों का गेहूं बेचा गया, लेकिन केवल खानापूर्ति की गई। यहां पर मार्केट कमेटी के सचिवों ने आढ़तियों के प्रति नरमी दिखाते हुए केवल उन्हें नोटिस जारी कर फीस भरने की बात कही। बता दें कि घरौंडा में आढ़तियों में मंत्री कांबोज से भी दोहरी नीति होने पर सवाल पूछा था।
निसिंग, कुंजपुरा व घरौंडा सचिव पर लटकी कार्रवाई की तलवार
बता दें कि निसिंग, जुंडला, तरावड़ी, कुंजपुरा, घीड़, बयाना व घरौंडा की अनाज मंडियों में खुलकर यूपी के व्यापारियों का गेहूं खरीदा गया। इतना ही नहीं निसिंग, कुंजपुरा, घरौंडा में नियमों के खिलाफ जाकर राइस मिलों में गेहूं उतरवाया जा रहा है। इस मामले में डीसी ने भी सख्त निर्देश दिये थे, डीसी के आदेशों के बाद भी मार्केट कमेटी के सचिवों ने कोई परवाह नहीं की और मनमर्जी करते अपने चहेते राइस मिलर्स के मिलों में गेहूं स्टाक कराया। जिस प्रकार से यूपी के गेहूं मामले को एसीएस व मुख्य प्रशासक ने गंभीरता से लिया है, ऐसे में कई मार्केट कमेटी सचिवों की जांच खुल सकती है और कई नप सकते हैं।