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सीएम सिटी में जीएसटी पर कांग्रेस की हुंकार, स्थानीय व्यापारियों ने बनाई दूरी

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सीएम के गढ़ में कांग्रेस की हुंकार, स्थानीय व्यापारियों ने बनाई दूरी
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जीएसटी के विरोध में कांग्रेस के बुलाए गए सम्मेलन में रविवार को प्रदेशभर के हजारों व्यापारी एकजुट हुए। इस बैठक में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पूर्व स्पीकर व विधायक कुलदीप शर्मा व अन्य कांग्रेसी नेताओं ने जीएसटी पर व्यापारियों में बढ़ती नाराजगी को भुनाने की कोशिश की। पूर्व मुख्यमंत्री ने जहां जीएसटी को व्यापार विरोधी करार दिया, वहीं सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने जीएसटी को व्यापारियों के लिए फांसी बताते हुए लोकसभा में उठाने की बात कही। इस बैठक में जहां दूसरे जिलों से आने वाले व्यापारियों की संख्या सैकड़ों में रही, वहीं सीएम सिटी के बड़े से लेकर छोटे व्यापारियों ने भी इससे दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी दूसरे जिलों से आए व्यापारियों के सहारे जीएसटी पर भाजपा को घेरने की कोशिश की। इस बैठक में इनेलो के पूर्व विधायक नफे सिंह वाल्मीकि अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए।
विदित हो कि इस सम्मेलन से एक दिन पूर्व भाजपा ने बैठक कर व्यापारियों को अपने पाले में करने की कोशिश की थी। भाजपा की इस कोशिश का असर कांग्रेस के इस सम्मेलन में नजर आया। सम्मेलन में हरियाणा व्यापार मंडल व गुड़मंडी और सर्राफा एसोसिएशन के कुछ व्यापारियों को छोड़कर शहर के किसी भी व्यापारी यूनियन के पदाधिकारी नहीं दिखे। यहां तक की जीएसटी का सबसे ज्यादा विरोध करने वाले कपड़ा व्यापारी भी इस सम्मेलन में नहीं दिखे। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का दावा रहा कि शहर के कई व्यापारी सम्मेलन में शामिल हुए।
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हुड्डा ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हम टैक्स ढांचे को सरल बनाना चाहते थे, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब जीएसटी का विरोध करने वाला वह खुद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे। अब अपनी सरकार बनते ही भाजपा की नीयत बदल गई और अंग्रेजों की तरह अब उनकी नीयत अधिक से अधिक टैक्स वसूल करने की है। पूर्व स्पीकर एवं विधायक कुलदीप शर्मा ने कहा कि जीएसटी को लेकर सरकार गलतफहमी में है। इससे पहले भी भाजपा सरकार को 2003 में फील गुड का भ्रम हो गया था, लेकिन उस समय भाजपा की एनडीए सरकार को जनता ने उखाड़ फेंका और कांग्रेस को 10 साल तक शासन करने का जनादेश मिला। अब भी ऐसा ही होगा। सांसद दीपेेंद्र हुड्डा ने कहा कि जीएसटी व्यापारियों के लिए फांसी की तरह है। संसद में सोमवार को कांग्रेस जीएसटी को लेकर काम रोको प्रस्ताव लाएगी। वहीं हरियाणा व्यापार मंडल के प्रवक्ता किशोर नागपाल ने कहा कि जीएसटी व्यापारियों के लिए काला कानून है, कांग्रेस के राज में व्यापारी खुश था।। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, करनाल के जिला व्यापार मंडल के प्रधान जेआर कालड़ा, महासचिव कैलाश सचदेवा, गुड़मंडी प्रधान रामलाल अग्रवाल, सर्राफा एसोसिएशन के सरपरस्त कुलयश मक्कड़, सब्जीमंडी के प्रधान अवतार सिंह तारी, उपप्रधान कृष्ण लाल सचदेवा, पंजाबी बिरादरी के प्रधान राजिंद्र राजपाल, नई अनाज मंडी तरावड़ी के पूर्व प्रधान विरेंद्र बंसल, हरियाणा राइस मिल एसोसिएशन के प्रधान पीडी राठी, ऑल इंडिया प्लाईवुड एसोसिएशन के प्रधान भारत शर्मा, फूलचंद मुलाना, प्रदेश सचिव मुनीश परवेज राणा, बिन्दर मान बल्ला आदि मौजूद रहे।


हुड्डा ने रखी जीएसटी पर व्यापारियों की मांग
-कपड़े से टैक्स हटाया जाए।
-37 की बजाय एक साल में दो रिटर्न की जाए।
-रिटर्न में गलती करेगा कंप्यूटर ऑपरेटर और फंसेगा व्यापारी। इसमें संशोधन हो।
-जीएसटी की प्रक्रिया सरल हो।
-देशभर में एक टैक्स का प्रावधान होना चाहिए।
-किसान पर लगे टैक्स को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए
-एक देश, एक टैक्स के सिद्धांत का पालन करते हुए विभिन्न राज्यों में अलग से पंजीकरण के नियमों में बदलाव हो।
-ब्रांच ट्रांसफर में जीएसटी के प्रावधान को बदला जाए।
-डीजल और पेट्रोल को जीएसटी की सीमा में रखा जाएं ताकि व्यापारी, किसान और मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।
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