करनाल। युवा पीढ़ी धीरे-धीरे सामाजिक सद्भाव की ओर अपने कदम बढ़ा रही हैं, वहीं प्रदेश में सरकार भी 36 बिरादरियों में सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने में युवाओं की आर्थिक मदद कर रही है। पिछले नौ वर्षों में 1100 युवाओं ने अंतर-जातीय विवाह कर सामाजिक सद्भाव बढ़ाने में योगदान दिया है।
सरकार ने मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतर-जातीय विवाह शगुन योजना के तहत वर्ष 2014 से वर्ष 2023 मार्च तक कुल छह करोड़ 91 लाख 46 हजार रुपये वितरित किए हैं। यह जानकारी जिला कल्याण विभाग की जिला अधिकारी कृष्णा भारद्वाज ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार सभी जातियों में सामाजिक सद्भाव बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। इसे लेकर सरकार ने मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतर-जातीय विवाह शगुन योजना चलाई जा रही है।
योजना में पहले अंतर-जातीय विवाह पर 50 हजार रुपये दी जाती थी, इसके बाद सरकार ने वर्ष 2016 में इसकी राशि बढ़ाते हुए 1.10 लाख रुपये किया और इसके बाद सरकार ने वर्ष 2018 से शगुन राशि में इजाफा करते हुए 2.50 लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने बताया कि अंतर-जातीय विवाह करने के तीन वर्ष के अंदर कोई भी जोड़ा जिला कल्याण विभाग में हरियाणा सरकार की ऑनलाइन वेबसाइट पर जाकर आवेदन पत्र अपलोड कर सकते है।
जिला कल्याण विभाग से अतुल ने बताया कि वर-वधु दोनों भारत के नागरिक होने चाहिए। अनुसूचित जाति से संबंधित लड़का या लड़की हरियाणा राज्य का स्थाई निवासी हो। उन द्वारा पहले इस योजना के अंतर्गत लाभ न लिया गया हो। वर-वधु दोनों की आयु कानूनन शादी के योग्य यानी लड़का 21 वर्ष या इससे अधिक और लड़की 18 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए। प्रोत्साहन राशि केवल पहली शादी के लिए प्रदान की जाएगी। आवेदन पत्र शादी के तीन वर्ष के भीतर देना होगा। संवाद
योजना के तहत पिछले नौ वर्षों पर एक नजर
वर्ष लाभार्थी राशि
2014-15 17 8,50,000
2015-16 27 13,50,000
2016-17 53 26,74,000
2017-18 76 38,43,000
2018-19 153 99,18,000
2019-20 21 23,03,000
2020-21 38 95,00,000
2021-22 49 1,05,04,000
2022-23 116 2,82,04,000
कुल 550 6,91,46,000