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हरी क्षेत्र में सरकारी स्कूल के विद्यार्थी पी रहे हैं फ्लेवर्ड मिल्क, ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी कर रहे हैं इंतजार

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वालेे कक्षा एक से आठवीं के विद्यार्थियों को सप्ताह में तीन दिन मिलने वाला फ्लेवर्ड मिल्क नहीं मिल रहा है। इन स्कूलों की संख्या 528 है। इनमें करीब 60 हजार विद्यार्थी फ्लवेर्ड मिल्क पीने के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूूलों के विद्यार्थियों को यह मिल्क मिल रहा हैै।
विद्यार्थियों का कहना है कि गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद से ही उन्हें दूध नहीं मिल रहा है। जब इस बारे में शहर के सरकारी स्कूलों में जाकर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे सप्ताह में तीन दिन बच्चों को फ्लेवर्ड मिल्क दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूल के हेड मास्टर का कहना है कि उनके पास फ्लेवर्ड मिल्क की सप्लाई ही नहीं आई है। जब सप्लाई के बारे में वीटा कंपनी से पूछा गया तो उसका कहना है कि वह सप्लाई कर रहे हैं करीब 250 स्कूलों में दूध के पैकेट सप्लाई कर दिए हैं, बाकी में भी जल्द की जाएगी। बता दें जिले भर में 778 सरकारी स्कूल है, जिनमें 87884 विद्यार्थियों को फ्लेवर्ड मिल्क दिया जाना है।
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दूध के पैकेट रखने की नहीं है जगह, इस लिए नहीं रखा स्टाक
20 मई को डीईओ के निर्देश पर सरकारी स्कूलों में फ्लेवर्ड मिल्क के पैकेट स्टॉक में सप्लाई करने के निर्देश दिए गए थे। सरकारी स्कूलों में इन पैकेट को रखने के लिए जगह नहीं है, इस स्कूल के मुखियाओं ने स्टाक नहीं लिया। क्योंकि गर्मी की एक महीने की छुट्टी में उन पैकेट रखने के लिए कोई अलमारी नहीं है, क्योंकि चूहे भी पैकेट को काट सकते थे।

प्रत्येक विद्यार्थी को दिया जाता है 200 एमएल दूध
वीटा कंपनी द्वारा सभी सरकारी स्कूलों में दूध के पैकेट सप्लाई किए जा रहे हैं। जो इलायची, रोज, चॉकलेट, पाइन एप्पल और स्ट्रोबेरी इन पांच फ्लेवर में हैं। यह पैकेट 20 ग्राम पाउडर का है और एक पैकेट से 200 एमएल दूध तैयार होता है। जो विद्यार्थी को दिया जाता है।
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वीटा कंपनी की ओर से दूध के पैकेटों की सप्लाई की जा रही है। ऐसे में सभी बीईओ को निर्देश दिए है कि जिन स्कूलों के पास दूध के पैकेट हैं वह पास के स्कूल के साथ शेयर कर लें, ताकि उस स्कूल के बच्चों को भी दूध मिल सके। जल्द ही सभी स्कूलों में दूध के पैकेट की सप्लाई की जाएगी।
-सरोज बाला गुर, डीईओ, करनाल।
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