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Karnal News: चौदह गांवों की 100 एकड़ फसल खराब

Wed, 03 Sep 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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121...इंद्री  गांव डबकोली के पास  एस्केप के पुल ऊपर से गुजरते पानी में ट्रेक्टर लेकर आता चालक। 
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल/इंद्री/घरौंडा। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से मैदानी क्षेत्रों की चिंता बढ़ गई है। हथिनीकुंड बैराज से सोमवार को छोड़े गए पानी से चौदह गांवों की सौ एकड़ से अधिक इलाके में फसल खराब हो गई। हालांकि मंगलवार को पानी की मात्रा घटी और यमुना का जलस्तर गिरा। इससे प्रशासन ने कुछ राहत महसूस की।
इधर घरौंडा क्षेत्र में सुबह बल्हेड़ा व मुंडोगढ़ी के पास तटबंध में पानी का रिसाव शुरू होने से खलबली मच गई। हालांकि तटबंध की मरम्मत कर स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया गया।
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घटता गया पानी...बढ़ी रही धड़कनें
इंद्री। सोमवार को हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी ने करनाल के कई गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी। मंगलवार को पानी घटने की जानकारी पर मिली तो राहत मिली। मंगलवार सुबह 9 बजे तक पानी का बहाव 1,76,360 क्यूसेक था जो दोपहर एक बजे तक घटकर 1,54,362 क्यूसेक रह गया। 3 बजे तक यह एक लाख 43 हजार क्यूसेक ही रह गया।
हालांकि गांव डबकोली के पास यमुना नदी का पानी एस्केप के पुल के ऊपर ढाई से तीन फीट बह रहा है। यह पुल गांव डबकोली को डबकोली खुर्द से जोड़ता है। पुल पर पानी होने के कारण गांव डबकोली खुर्द के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण विकास ने बताया कि यमुना का पानी गांव की गलियों तक जा पहुंचा है। इंद्री उपमंडलाधिकारी अशोक मुंजाल ने बताया कि यमुना में जलस्तर कम हो रहा है। फिलहाल यमुना नदी में करीब एक लाख 43 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। स्थिति सामान्य है, प्रशासन मुस्तैद है।
-किसान बोले
गांव चौरा से डबकोली में किसान रामकुमार ने बताया कि उन्होंने सात एकड़ जमीन ठेके पर लेकर पांच एकड़ में गन्ने और दो एकड़ में धान की फसल लगाई थी। बाढ़ ने सारी फसल खराब कर दी है। उनका हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।

डबकोली के किसान सुलजीत ने बताया कि बाढ़ के पानी से उनकी तीन एकड़ में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो गई। उनका कहना है कि पहले भी बाढ़ के कारण उनकी फसल कई बार खराब हो चुकी है, परंतु आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला।


किसान दिलावर सिंह ने बताया कि धनोरा एस्केप में यमुना का पानी आने से उनकी पच्चीस एकड़ जमीन पर उगाई गई गन्ने व धान की फसल डूब गई है। फसल खराब होती है तो उनका बड़ा नुकसान होगा। मुआवजा तो मिल नहीं पाता है।


ग्रामीण जोगिंदर ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम के दौरान धनोरा एस्केप पर बने पुराने पुल के स्थान पर नया पिलर वाला पुल बनवाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक किसी नेता या अधिकारी ने पुल की सुध नहीं ली है।
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121...इंद्री  गांव डबकोली के पास  एस्केप के पुल ऊपर से गुजरते पानी में ट्रेक्टर लेकर आता चालक। 

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