सीपीआई के युवा नेता डॉ. कन्हैया कुमार ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। पंजाब के मानसा स्थित पुरानी अनाज मंडी में सीपीआई संविधान बचाओ देश बचाओ’ रैली में उन्होंने केंद्र सरकार पर जातिवाद को हवा देकर नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इस धरती के कम्युनिस्ट आंदोलन ने संघर्ष करके बेजमीन लोगों को 16 हजार एकड़ भूमि वापस दिलाई। मोदी सरकार का नागरिकता संशोधन कानून लागू हुआ तो यह जमीन वापस चली जाएगी। सीपीआई नेता ने कहा आज देश आर्थिक मंदी से गुजर रहा है और केंद्र सरकार जातिवाद की नफरत बांटने में लगी है।
उन्होंने कहा कि देश को आरएसएस व भाजपा से बड़ा खतरा पैदा हो गया है, इस कानून में लोगों को देश में रहने के लिए सबूत देने होंगे। कन्हैया ने कहा कि मानसा क्षेत्र किसी समय पटियाला रियासत का हिस्सा हुआ करता था और उनको यह जानकार खुशी हुई कि जहां के लोग अपने हकों की लड़ाई लड़ते आ रहे है। कन्हैया ने कहा कि रोजगार के लिए नौजवानों को पढ़ाई के साथ-साथ केंद्र सरकार की नीतियों से भी लड़ना होगा।
सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव डा. वीके कांगो, पंजाब महासचिव बंत सिंह बराड़, राष्ट्रीय काउंसिल सदस्य हरदेव अर्शी ने भी केंद्र व पंजाब सरकार की नीतियों को लोक विरोधी बताते हुए आह्वान दिया कि लोगों को लाल झंडे तले एकत्र होकर अपने रोजगार, कारोबार व जमीन बचाने के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
कन्हैया संग फोटो खिंचवाने को लगी होड़
मानसा पहुंचे डा. कन्हैया को सुनने और उनके साथ फोटो खिंचवाने वालों की भीड़ लगी रही। सादे कपड़े और चप्पल पहनकर रैली में पहुंचे कन्हैया कुमार को सुनने के लिए राज्य भर से लोग व बुद्धिजीवी लोग पहुंचे। पहली बार मानसा आए कन्हैया ने कहा कि लह पंजाबियों की खातिरदारी व उनके प्यार के मुरीद हो गए।