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Kaithal News: कार्यशाला में युवाओं ने सीखे उद्यमिता के गुर

Fri, 29 Aug 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल/राजौंद। हरियाणा सरकार की ओर से 4 सितंबर तक मनाए जा रहे उद्यमशीलता पखवाड़ा — “छोटा कोई काम नहीं, हुनर से ही नाम सही” अभियान के तहत राजकीय बहुतकनीकी, शेरगढ़ में एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का विषय था-क्यों और कैसे एक उद्यमी बनें। इसका संचालन प्राचार्य कुलवीर सिंह अहलावत के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज का युग उद्योगों का है, ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहकर, रोजगार देने वाला बनना चाहिए। हुनर के बल पर कोई भी छोटा काम बड़ा बन सकता है।
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सत्र का संचालन यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ व्याख्याता दीपक पुनिया ने किया। उन्होंने अंतिम वर्ष के छात्रों को स्वरोजगार की संभावनाओं, सरकारी योजनाओं और स्टार्टअप से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रदीप (मैकेनिकल विभाग) और आनंद यादव (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यशाला से संबंधित जानकारी मीडिया प्रभारी सोहन शर्मा ने साझा की।

उधर, राजकीय महाविद्यालय राजौंद में प्लेसमेंट सेल की ओर से उद्यमिता पखवाड़ा के तहत एक विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परमोनू मलिक (स्वामी, पिज़्ज़ा स्टार, राजौंद) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि एक सफल उद्यमी बनने के लिए अनुसंधान, नवोन्मेष और समर्पण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने नए उद्योगों के सामने आने वाली चुनौतियों—आर्थिक जोखिम, प्रतिस्पर्धा और स्थायित्व का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को दृढ़ निश्चय और रचनात्मक सोच के साथ इन्हें पार करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. राम मेहर सिंह के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर शिक्षक संयोजक रविंद्र कुमार की विशेष भूमिका रही। आयोजन में अशोक, प्रदीप, दीपक, प्रवीण, सीमा, निशु, तरुण, राजरानी और हरिपाल का सहयोग सराहनीय रहा।विद्यार्थियों ने दिखाई गहरी रुचि
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कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को यह समझाना था कि स्वरोजगार किस प्रकार स्थायी आजीविका का विकल्प बन सकता है और सरकार इसके लिए किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराती है। विद्यार्थियों ने इसमें गहरी रुचि दिखाई और कई विद्यार्थियों ने उद्यमिता को भविष्य के करियर विकल्प के रूप में अपनाने की इच्छा जताई।
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