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भाईयों में फूट डालने के लिए किशोर को मार डाला

Fri, 04 Apr 2014 12:19 AM IST
कैथल
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 एक झोलाछाप डॉक्टर ने दो भाईयों में फूट डालने के लिए एक चौदह वर्षीय मासूम को हत्या कर दी। माता गेट पर मेले से 31 मार्च की रात को लापता 14 वर्षीय बच्चे को पुलिस ने जींद के गांव डयौला से झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक से गंभीर हालत में बरामद किया।
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 पुलिस बच्चे को बरामद करने के बाद अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दरअसल, बच्चे के घर अक्सर आने-जाने वाले झोलाछाप डॉक्टर ने दो भाईयों में फूट डालने के लिए पहले तो बच्चे का अपहरण किया और फिर उसे नशीली दवाएं खिर्लाइं, जिससे मासूम की मौत हो गई।

पुलिस ने बच्चे की मोबाइल की लोकेशन के आधार पर क्लीनिक पर छापा मारा और उसे वहां से बरामद किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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जानकारी के अनुसार, अर्जुन नगर निवासी सुरेंद्र कुमार का 14 वर्षीय बेटा यशपाल 31 मार्च को माता गेट पर देवी माता के मंदिर में लगे मेले से लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद सुरेंद्र ने मामले की सूचना पुलिस को दी। जिस पर पुलिस ने इस मामले में मंगलवार एक अप्रैल को अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था।
पुलिस को इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग यशपाल के पास मौजूद मोबाइल से लगा।
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जिसमें मोबाइल की लोकेशन जींद के गांव ड्यौला में मिल रही थी। पुलिस ने ड्यौला में जाकर आरोपी डॉक्टर दिनेश कुमार की दुकान की तलाशी ली तो वहां से बच्चा बेसुध हालत में मिला। उसे बुधवार देर रात्रि को कैथल के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जब आरोपी दिनेश कुमार से पूछताछ की तो उसने चौंकाने वाले खुलासे किए।

 खुद ही अपहरण किया और तलाश में भी जुटा  
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुरेंद्र कुमार का मूल गांव डयौला है। वह अपने भाईयों के साथ अर्जुन नगर में रहता था। जहां तीनों भाईयों ने अपने-अपने प्लॉट लिए हुए हैं। गांव ड्यौला में ही दिनेश कुमार डॉक्टर की दुकान चलाता है। उसका सुरेंद्र के घर आना-जाना था।

उसी ने सुरेंद्र कुमार एवं उसके भाईयों में फूट डालने की मंशा से 31 मार्च को मेले से सुरेंद्र के बेटे यशपाल का अपहरण किया और उसे गांव ड्यौला में अपनी दुकान पर ले गया। जहां उसे नशीली दवाओं की डोज देकर उसे अपनी दुकान में बंद रखा और खुद सुरेंद्र के साथ यशपाल की झूठी तलाश में जुट गया। पुलिस द्वारा पूछताछ में उसने सारी बातें उगल दीं। सूचना मिलते ही जब पुलिस दिनेश की दुकान से यशपाल को लेकर आई तो वह बेहोश था। उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। यशपाल की मौत नशीली दवाओं की ओवरडोज एवं कुछ खाने-पीने को न मिलने के कारण हुई। पुलिस ने इस मामले में अपहरण के मामले को हत्या के मामले में तब्दील करते हुए दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

दवा के प्रभाव से हुई मौत :  एसएचओ
एसएचओ सिटी विक्रमजीत सिंह ने बताया कि मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने मामले को सुलझाते हुए बच्चे को बरामद कर लिया था। लेकिन दवाओं के प्रभाव से बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
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