कैथल। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट है। सभी युवा पर्वतारोहियों को हमेशा इसका सम्मान करना चाहिए। यह बात सफल पर्वतारोही व पंचकूला की डीएसपी ममता सौदा ने अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को कही।
उल्लेखनी है कि 29 मई को अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस है। इस मौके पर उन्होंने सभी को बधाई दी। पर्वतारोही व डीएसपी पंचकूला ममता सौदा ने कहा कि माउंट एवरेस्ट पर फतेह करना आसान नहीें है। इसके लिए काफी महेनत व अभ्यास करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि युवा पर्वतारोहियों से आह्वान है कि वे यह न सोचें कि हमने माउंट एवरेस्ट फतह कर लिया और हम बहुत बड़े हो गए हैं बल्कि हम एक तिनके की तरह हैं। प्राकृतिक कभी हमें भी नुकसान पहुंचा सकती है। इस लिए हमें हमेशा पर्वतों को सम्मान करना चाहिएं।
प्राकृतिक को सेफ रखें ः अक्सर देखा जाता है जो कोई पर्वत पर वहां जाता है तो वहां गंदगी फैला देता है। ऐसा ना करें जो भी अपना प्रयोग किया सामान है उसे अपने साथ वापस ले आएं ताकि वहां गंदगी न फैलाएं। इसलिस जो भी पर्वत पर चढ़ाई करें तो वहां गंदगी न फैलाएं, उसे साफ सुथरा रखें।
गौरतलब है कि ममता सौदा एक भारतीय खिलाड़ी हैं और उन्हें माउंट एवरेस्ट को 2010 में फतह करने के सफल प्रयास के लिए जाना जाता हैं। पर्वतारोहण खेल के क्षेत्र में उनकी सेवाओं के लिए 2014 में उन्हें भारत सरकार ने देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
ममता सौदा का जन्म 1 नवंबर 1979 को भारत के हरियाणा राज्य के कैथल में तीन लड़कियों और दो लड़कों में सबसे बड़ी के रूप में परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने पिता लक्ष्मण दास सोधा को खो दिया जो 2004 में हरियाणा खाद्य और आपूर्ति विभाग में एक निरीक्षक के रूप में काम करते थे। और उनकी मां मेवा देवी को अपने भाइयों की मदद से परिवार का भरण.पोषण करना पड़ा।
ममता ने अपनी स्कूली शिक्षा कैथल के एक स्थानीय स्कूल से और कॉलेज की पढ़ाई आरकेएसडी कॉलेज कैथल से की जहाँ से उन्होंने उच्च ग्रेड प्राप्त करते हुए स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने 2005 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा एमपीएचएडी में अपनी मास्टर डिग्री हासिल की और उसी विश्वविद्यालय में शहीद बाबा दीप सिंह कॉलेज ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन हरियाणा में लेक्चरर के रूप में शामिल हो गईं।
ममता को शुरू से ही रॉक क्लाइम्बिंग का शौक था। इसके लिए पिता ने उन्हंे प्रोत्साहित किया था। एक दिन उन्होंेने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का बनाया और वह उत्तराखंड में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में शामिल हो गईं। इससे पहले उन्होंने कुछ अन्य चोटियों पर चढ़ाई की। वह आईएमएफ गोल्डन जुबली अभियान दल की सदस्य थीं जिसने जुलाई 2008 में फवररंग चोटी पर चढ़ाई की थी। दो महीने बाद अक्तूबर में उन्होंने मैकलियोडगंज में एक अभियान के दौरान एक अन्य टीम के साथ मुन चोटी पर चढ़ाई की। अगस्त 2009 में उन्होंने महिला टीम के साथ श्री कंठ चोटी पर चढ़ाई की।
उन्होंने विभिन्न अवसरों पर मोरनी पीक, खुइटेन पीक, इंदरहारा पास और आइलैंड पीक जैसी अलग.अलग ऊंचाई वाली अन्य चोटियों पर भी चढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने आइलैंड पीक पर चढ़ने का प्रयास किया जिसे उन्होंने माउंट एवरेस्ट अभियान से ठीक पहले अप्रैल 2010 में सफलतापूर्वक पूरा किया। एवरेस्ट पर सफल चढ़ाई के बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें हरियाणा पुलिस बल में शामिल कर लिया । ममता अब 11 अगस्त 2010 से हरियाणा पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक हैं। संवाद
ये हैं उपलब्धियां
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एवरेस्ट पर सफल चढ़ाई के बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें हरियाणा पुलिस बल में शामिल कर लिया । ममता सौदा अब 11 अगस्त 2010 से हरियाणा पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक हैं।
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वर्ष 1998 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी कुरूक्षेत्र में हैंडबाल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
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1998 में आगरा में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय हैंडबाल प्रतियोगिता में रजत पदक जीता।
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1999 में नॉर्थ ईस्ट जॉन कोहलापुर में हैंडबाल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।
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अन्य उपलब्धिियां- वर्ष 2010 में मांउट एवरेस्ट फतेह किया।
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वर्ष 2010 में अतंरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अवार्ड से सम्मानित किया गया
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वर्ष 2010 में महिला शक्ति गौरव सम्मान मिला ।
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वर्ष 2010 में डॉ. भीमराव आंबेडकर रत्न अवार्ड मिला।
n 2010में ट्ररू हीरो का अवार्ड।
n2011 में भारतीय गौरव अवार्ड
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2011 में कल्पना चावला शोर्य अवार्ड।
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वर्ष 2011 में तेंजिन नोरगे एडवेंचर राष्ट्रपति अवार्ड मिला।
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वर्ष 2014 में पदमश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया।
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वर्ष 2018 में महिला सशक्तिकरण अवार्ड से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सम्मानित किया।
हरियाणा पुलिस विभाग में उपलब्धियां
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वर्ष 2010 में हरियाण पुलिस में डीएसपी पद पर जवाईन किया।
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वर्ष 2010 में पहली महिला कमांडर का अवार्ड मिला।
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वर्ष 2011 में 15 अगस्त भिवानी में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बेस्ट परेड कमांडर का पुरस्कार दिया। n
वर्ष 2012 में 26 जनवारी पानीपत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बेस्ट परेड कमांडर का पुरस्कार दिया।