संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन ने मानसिक स्वास्थ्य पर अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें शिक्षिकाओं ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव के कारण, लक्षण और इससे बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग से हमारा मन स्वस्थ रहेगा। साथ ही शरीर भी स्वस्थ रहेगा।
उन्होंने कहा कि अगर मन पर कोई बोझ लेकर या तनाव में रहते हैं तो शरीर के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। शिक्षिकाओं के विचार इस प्रकार रहे-
करें योग, लें संतुलित आहार
शिक्षिका सुमन तंवर ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए हमें सबसे जरूरी है कि हम सुबह-शाम समय निकालकर योग करें। संतुलित आहार लें, नशे से दूर रहे और सोने व जाने का समय निर्धारित कर नींद पूरी लें। इसके अलावा आत्ममंथन करें और ध्यान के लिए समय जरूर निकालें। अगर हम इन बातों का ध्यान रखते हैं तो मन के साथ-साथ शरीर को भी स्वस्थ रख सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को ध्यान करने के तरीके भी बताए।
हो सकते हैं तनाव के कई कारण
विज्ञान विषय की शिक्षिका सुनीता गुलाटी ने कहा कि मन के अस्वस्थ होने या फिर तनाव के कई कारण हो सकते हैं। विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई, घरेलू चिंताएं, अकेलापन और लक्ष्य को लेकर चिंता तनाव के कारण होते हैं। अगर हम मेहनत करते हैं तो हमें सफलता तो मिलेगी ही, साथ में तनाव से भी बच सकते हैं। तब शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा। यदि हमारा मानसिक स्वास्थ्य सही नहीं है तो सिरदर्द और चिड़चिड़ापन जैसी कई समस्याएं सामने आती हैं। विद्यार्थी जीवन में हमें चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती हैं, लेकिन अगर हम उनका सामना करने के लिए पहले से तैयार रहते हैं तो काफी हद तक इस प्रकार की परेशानियों का सामना किया जा सकता है।
प्रकृति से जुड़ने को किया प्रेरित
शिक्षिका कुलविंद्र कौर ने छात्राओं को प्रकृति से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आजकल हर व्यक्ति तनाव से पीड़ित है। इसका बड़ा कारण रासायनों से युक्त खानपान है। हमारी दिनचर्या में खाने के सामान में हम न जाने कितने रासायनों का प्रयोग करते हैं। रोटी से लेकर फास्ट फूड में आजकल रासायन प्रयोग होते हैं। ऐसे में हमारा प्रयास होना चाहिए कि जो वस्तुएं हमें खेतों में या अपने आसपास प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हो जाती हैं, उनका प्रयोग ज्यादा करें।
सोच सकारात्मक रखें
प्रधानाचार्य नरेश मेहता ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए सोच को हमेशा सकारात्मक रखने की सलाह दी। उन्होंनोे कहा कि अगर सोच सकारात्मक होगी तो अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है। इससे मानसिक स्वास्थ्य भी सही रहेगा। हम खानपान पर ध्यान देकर भी अपने मन को स्वस्थ रख सकते हैं।