योग कक्षा के दौरान पंतजलि सदस्यों को योग करवाते हुए योग शिक्षक ईश्वर सिंगला।
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गुहला-चीका। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में योग शिक्षक ईश्वर सिंगला ने कहा कि पतंजलि योग शिक्षकों की सामाजिक जिम्मेदारियां बेहद महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होती हैं। ऐसे में उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है।
ताऊ देवीलाल पार्क चीका में आयोजित सुबह योग कक्षा के दौरान पतंजलि योग समिति चीका के मुख्ययोग शिक्षक ईश्वर सिंगला ने योग साधकों को कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने की एक संपूर्ण जीवनशैली है।
सिंगला ने कहा कि नियमित योग अभ्यास से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से तनाव को नियंत्रित किया जा सकता है और कई बीमारियों के प्रबंधन में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि जीवन एक रेखा नहीं चक्र है। अगर, शरीर को स्वस्थ बनाना है तो नियमित रूप से योग करें। सुबह पक्षी उठता है तो वह भी जोर से पंख फड़फड़ाता है, उनसे मनुष्य को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने साधकों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी।
योग कक्षा के दौरान पंतजलि सदस्यों को योग करवाते हुए योग शिक्षक ईश्वर सिंगला।- फोटो : Archive