राजौंद। गांव किठाना के पंचायत भवन में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत लगाया गया। इसमें 100 लोगों के एक्स-रे किए गए। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक बुखार या खांसी रहती है तो उसे अपने बलगम की जांच अवश्य करवानी चाहिए। टीबी की पहचान के लिए ये सबसे जरूरी परीक्षण है। उन्होंने बताया कि यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो टीबी का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क है और यह सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। साथ ही मरीजों को पोषण के लिए प्रति माह एक हजार की सहायता राशि भी दी जाती है। इस मौके पर जरूरतमंदों को दवाइयां भी वितरित की गई। जून माह को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाते हुए लोगों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार के बुखार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर रक्त जांच करवानी चाहिए। शिविर में रेडियोलॉजी अधिकारी विकास, हेल्थ वर्कर जयभगवान, सुमित्रा देवी, आशा कार्यकर्ता सुधा, रजनी, मुकेश, सुनीता, सविता, रीना व कुसुम मौजूद रहे।