फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: मां चंद्रघंटा की आराधना कर मांगी मन्नतें, लगे जयकारे

Thu, 25 Sep 2025 03:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल/कलायत/सीवन/राजौंद/पाई। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं ने मां चंद्र घंटा की पूजा-अर्चना की। नवरात्र पर्व को लेकर श्रद्धालुओं की ओर से उपवास रख मां की आराधना की जा रही है। शहर के प्राचीन बड़ी देवी, कोठी देवी स्थित छोटी देवी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में मां के भक्तों की भारी भीड़ जुटी।

मंदिरों में मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बन गया। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां चंद्रघंटा का आशीर्वाद प्राप्त किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों के बाहर और बाजार में फूल, प्रसाद और माता की चुनरी खरीदने के लिए काफी रौनक देखी गई, जिससे बाजार के सभी दुकानदारों के चेहरे खिले रहे।
विज्ञापन


फूलों की हुई अधिक बिक्री ः मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए बाजार में फूलों की दुकानों पर सबसे अधिक भीड़ रही। यहां गेंदा, गुलाब, सफेद कमल और लाल गुड़हल के फूल प्रमुख रूप से बिके। मान्यता है कि लाल गुड़हल के फूल चढ़ाने से माता जल्दी प्रसन्न होती हैं और भक्तों को धन-धान्य और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

पूजा सामग्री की बढ़ती मांग ः इसके अलावा दीपक, मौली, नारियल, अखंड ज्योत, जटा वाला नारियल और खोपे जैसी पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए भी लंबी कतारें लगीं।
विज्ञापन


मां चंद्रघंटा की पूजा का महत्व ः नवरात्र का तीसरा दिन मां दुर्गा के स्वरूप, माता चंद्रघंटा को समर्पित है। उनका यह रूप शांति, वीरता और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। भक्तों का मानना है कि माता के इस स्वरूप की पूजा से जीवन में सफलता, शांति और समृद्धि मिलती है। उनकी घंटी की ध्वनि नकारात्मक शक्तियों और भय को दूर कर देती है। साथ ही, मां चंद्रघंटा की पूजा से आध्यात्मिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें