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Kaithal News: बजट से कामकाजी महिलाओं को आस, मिले विशेष छूट

Sat, 24 Jan 2026 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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अनामिका
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कैथल। आगामी केंद्रीय बजट को लेकर जिले की कामकाजी महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। निजी और सरकारी क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को इस बार बजट से कई अहम उम्मीदें हैं। महिलाओं का कहना है कि बढ़ती महंगाई, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और घर की जिम्मेदारियों के बीच नौकरी करना आसान नहीं है, ऐसे में सरकार को बजट में उनके लिए विशेष प्रावधान करने चाहिए।
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जिले की कामकाजी महिलाओं की प्रमुख मांग है कि उन्हें आयकर में विशेष छूट दी जाए। महिलाओं का मानना है कि वे घर और कार्यालय दोनों की जिम्मेदारियां निभाती हैं, इसलिए टैक्स में अलग से राहत मिलनी चाहिए। महिला संगठनों का भी मानना है कि यदि बजट में महिलाओं के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए जाते हैं, तो इससे न केवल महिलाओं को लाभ होगा बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

- शिक्षिका अनामिका ने कहा कि पति-पत्नी के लिए एक ही घर में रहते हुए संयुक्त टैक्स रिटर्न (जॉइंट टैक्स रिटर्न) भरने की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे टैक्स प्रक्रिया सरल हो और मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।-
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- निजी कंपनी में कार्यरत रीना वर्मा ने कहा कि महिलाएं नौकरी के साथ- साथ बच्चों और घर की जिम्मेदारी भी संभालती हैं। अगर टैक्स में कुछ अतिरिक्त छूट मिले तो बचत बढ़ेगी और आर्थिक दबाव कम होगा। जॉइंट टैक्स रिटर्न की सुविधा से परिवार की वित्तीय योजना बेहतर तरीके से बन सकेगी।

- अध्यापिका किरण देवी ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। महंगाई दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। चाहे गैस सिलिंडर हो, राशन का सामान हो या फिर सब्जियां सबके दाम आसमान छू रहे हैं। इसे कम करना चाहिए। इसके अलावा पेट्रोल के दामों को भी कम करने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा के लिए भी बजट में विशेष प्रबंध करना चाहिए।

- निजी बैंक में कार्यरत पूजा शर्मा का कहना है कि अभी उनका बच्चा छोटा है। घर से उनका दफ्तर काफी दूर हैं। ऐसे में एक फरवरी को जारी होने वाले आम बजट में सबसे अधिक जोर क्रेच बनाने पर देना चाहिए। अगर दफ्तर के पास ही क्रेच रहेगा तो महिलाओं को अपने बच्चों की चिंता नहीं रहेगी और वे अपने कार्य को अच्छे से कर पाएंगी।

- सेक्टर-19 में स्थित एक निजी स्कूल में शिक्षिका स्नेहा गुप्ता ने बताया कि मातृत्व अवकाश, स्वास्थ्य बीमा और ट्रांसपोर्ट सुविधा को लेकर भी बजट में सुधार होना चाहिए। सुरक्षित परिवहन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उन्हें लंबे समय तक कार्यक्षेत्र में टिके रहने में मदद करेंगी।
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