संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बीडीपीओ कार्यालय में ब्राह्मणी वाला के मनरेगा मजदूरों ने असुरक्षित व जोखिम भरे काम से नाराज होकर रोष प्रदर्शन किया। गांव के मेट सुनील ने बताया कि उन्हें 21 मई को लांबा खेड़ी ड्रेन (गंदे नाले) की सफाई के कार्य को दिया गया। आज कार्यस्थल पर जब मजदूर पहुंचे तो देखा कि कार्यस्थल ड्रेन में काम की परिस्थितियां बेहद असुरक्षित और हालातों में है।
इस कार्य में अत्यधिक गंदगी, संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम होने के कारण हम सभी मजदूर ने ये कार्य करने में असमर्थ जताई। मजदूरों ने बीडीपीओ व नहर विभाग एसडीओ के अधिकार को लिखित पत्र सौंपकर काम करने से असमर्थता जताई।
क्रांतिकारी मनरेगा मजदूर यूनियन गांव ब्राह्मणी वाला के मजदूरों की जायज मांग के पक्ष में आ खड़ा हुआ। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यूनियन प्रभारी अजय ने बताया कि उनकी टीम ने कार्यस्थल का दौरा किया। ड्रेन में गंदगी, कीचड़ से लेकर सांप, बिच्छु से में भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
असल में मनरेगा के तहत इतने गंदे नालों की सफाई उनके कार्य क्षेत्र से बाहर है और इसके लिए न तो उन्हें कोई उचित सुरक्षा उपकरण प्रदान किए गए हैं और न ही प्रशिक्षण दिया गया है।
यूनियन व मजदूरों ने बीडीपीओ कार्यालय को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि मजदूरों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य प्रदान किए जाएं।