रोडवेज के कैथल डिपो में ठेके पर लगे सफाई कर्मचारियों से उनके मानदेय में से 1500 रुपये प्रति माह लेने के आरोप में सफाई ठेकेदार का टेंडर रद्द कर दिया। हालांकि ठेके पर लगे सफाई कर्मचारियों ने ठेकेदार पर 2000 रुपये प्रतिमाह उनसे रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे, लेकिन कर्मचारियों द्वारा किए गए केस के बाद जांच में पुष्टि हुई कि ठेकेदार कर्मचारियों से 1500 रुपये मानदेय देने के नाम पर लेता था। इस बात की पुष्टि होते ही रोडवेज ने उक्त ठेकेदार का ठेका रद्द कर दिया। ठेका रद्द होने के कारण ठेकेदार द्वारा लगाए गए सभी कर्मचारियों को काम से हटा दिया गया, जिसके बाद अब केवल आठ रेगूलर कर्मचारियों पर ही पूरे बस स्टैंड में सफाई का जिम्मा आ गया है। यही कर्मचारी बस स्टैंड परिसर से लेकर कर्मशाला व अन्य स्थानों पर सफाई व्यवस्था को सुचारु करने का प्रयास कर हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था लचर पड़ी है। बस स्टैंड परिसर में कई जगहों पर गंदगी व कूड़े के ढेर लगे पड़े हैं।
सफाई कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को की थी शिकायत: ठेके पर लगे कर्मचारियों ने केस करने से पहले 23 अक्टूबर के आसपास इस संबंध में कैथल रोडवेज महाप्रबंधक, जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों और रोडवेज विभाग के मुख्यालय में शिकायत दी थी। विभाग द्वारा कैथल डिपो में कर्मचारियों से पैसे मांगने की शिकायत पर जांच करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जांच में पाया गया ठेकेदार कर्मचारियों से 1500 रुपये लेता था। इसके बाद आठ नवंबर को ठेका रद्द कर दिया गया। रोडवेज महाप्रबंधक ने यह स्पष्ट किया कि अब इन सफाई कर्मियों और सेवादारों से रोडवेज में कोई काम नहीं लिया जाएगा।
कर्मचारियों ने लगाए थे ये आरोप: हरियाणा राज्य परिवहन चंडीगढ़ को दी शिकायत में ठेके पर लगे कर्मचारी राजेंद्र कुमार, अजय, अंग्रेज सिंह, संजय, राजपति, गौरव, कुलदीप व नरेश सहित करीब 18 कर्मचारियों ने आरोप लगाए थे कि वे पिछले कई वर्षों से रोडवेज में ठेकेदार के माध्यम से काम कर रहे हैं। अब जिस ठेकेदार ने डिपो में सफाई का ठेका लिया हुआ है वह कर्मचारियों से पैसे मांगता है। शिकायत में उन्होंने बताया था कि ऐसा नहीं करने पर ठेकेदार ने चार कर्मचारियों को हटा भी दिया, जिस कारण उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ शिकायत दी।
नए टेंडर कॉल करने से संबंधित प्रक्रिया शुरू :
रोडवेज महाप्रबंधक रामकुमार ने बताया विभागीय आदेशों के अनुसार ठेकेदार का ठेका रद्द कर दिया गया है। नए टेंडर कॉल करने से संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। रेगूलर कर्मचारी सफाई व्यवस्था के लिए लगातार काम कर रहे हैं। नया ठेकेदार मिलने तक अगर किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो सफाई व्यवस्था को मैंटेन रखने में जिला प्रशासन को कहकर कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा।