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क्योड़क व दयौरा में मनरेगा के चार मजदूरों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

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worker in dead - फोटो : Kaithal
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गांव क्योडक़ व दयौरा में चार मनरेगा मजदूरों की संदिग्ध मौत के मामले में प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। डीसी के निर्देश पर गांवों में जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। वहां पहुंचे डाक्टरों तथा अन्य स्टाफ ने आशंका व्यक्त की है कि खेतों के आसपास कीटनाशक दवा युक्त पानी के पीने के कारण मौत हुई होगी।इन मौत का वास्तविक कारण तो विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद पता चलेगा।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में शुक्रवार को दोनों गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। दोनों जगह आस - पास के करीब 60 मजदूरों के खून के नमूने लिए और बीमार लोगों के बारे में जानकारी हासिल की। गांव क्योडक व दयौरा के मनरेगा मजदूर, जिनमें महिलाएं काफी संख्या में थी। सरस्ती डिस्ट्रीब्यूटरी नहर पर कुरुक्षेत्र के गांव थाना से आगे के एरिया में गत 21 अगस्त से 5 सितंबर तक मनरेगा के तहत सफाई का काम किया था। भीषण गर्मी के इस मौसम में वे बीमार हो गईं थीं। जो भी महिला बीमार होती, वह एक-दो दिन घर रहने के बाद फिर से काम पर चली जाती थी। इस तरह से इन महिलाओं ने 14 दिन के मस्टरोल के तहत 5 सितंबर तक काम किया। इसके बाद इनमें से काफी संख्या में महिलाएं बीमार हो गईं। जिनमें से 16 सितंबर को पीजीआई सेक्टर 32 में दाखिल गांव क्योडक़ निवासी महिलाएं माया पत्नी बीरा राम व संतोष पत्नी अजमेर की मौत हो गई।
मजदूरों के साथ काम करने गई महिला दया देवी ने बताया कि जहां वे काम करने गए थे। वहां गर्मी के साथ-साथ कुछ दूरी पर मृत पशुओं को रखने के लिए हड्डी रोड़ा की जगह बनी हुई थी। वहां बदबू आ रही थी। वे वहां से काम करने के बाद आईं तो उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं। इसके बाद बुखार हुआ और हाथ-पैर मुड़ने शुरू हो गए। सभी मजदूर इसी तरह से बीमार हुए। से करीब 50 के आस-पास थे। जिनका प्राइवेट अस्पतालों तथा घरों में उपचार हो रहा है।
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इसी प्रकार से दयौरा निवासी बोहती देवी, शकुंतला की मौत हो गई। गांव दयौरा में भी काफी संख्या में महिलाओं के बीमार होने की सूचना है।
महिलाओं को काम पर ले जाने वाले मेट सर्वजीत सिंह ने बताया कि वे यहां हर रोज करीब 40 से 45 महिलाओं को ईलाज के लिए जाते थे। बीच-बीच में कुछ महिलाएं बीमार होने की बात कहती थी तो वे छुट्टी कर ले ती थी। जब तक काम चला, तब तक किसी के गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं मिली। नहर की पटरी पर ही महिलाओं से 14 दिन तक सफाई की है। उन्हें कारण पता नहीं चल पा रहा है कि ये बीमार क्यों हैं?
संदिग्ध जहरीला पानी पीने के कारण हो सकती हैं बीमार
सीएमओ डा. सुरेंद्र नैन ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि महिलाओं ने काम करते समय ट्यूबवैल की हौद में संदिग्ध जहरीला पानी पीया है। जिस कारण ये बीमार हो सकती हैं। गर्मी बड़ा कारण समझ में नहीं आ रहा। खेतों में डाले जाने वाले कीटनाशक के खाली बॉक्स के प्रभाव के कारण पानी खराब हो सकता है। यही पानी पीने से महिलाएं बीमार हुई होंगी। स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आ रहा। दोनों गांवों में विभाग की टीम तैनात कर दी गई है। दो दिन तक टीमें दोनों गांवों में रहेंगी।
मनरेगा मजदूरों की मौत संबंधी मामला:-
डीसी ने एडीसी की अगुवाई में किया कमेटी का गठन:-डीसी डा. प्रियंका सोनी ने गांव क्योडक़ व दयौरा में मनरेगा मजदूरों की मौत के मामले में जांच कमेटी का गठन किया है। एडीसी की अध्यक्षता में डीडीपीओ व सीएमओ की एक कमेटी गठित की है। जो पूरे मामले की जांच करके आगामी कार्रवाई करेगी।

worker in dead- फोटो : Kaithal

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