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बस अड्डे के सामने खड़े होने वाले वाहनों के कारण होते हैं हादसे

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bus stand traffic - फोटो : Kaithal
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नए बस अड्डे के सामने कई हादसों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आ रहा। सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठकों में निर्देशों के बावजूद बस अड्डे के प्रवेश द्वार के बाहर प्राइवेट वाहनों, ऑटो, रेहड़ी संचालकों के कारण यहां हर समय हादसों का डर बना रहता है। दिनभर जाम लगने के साथ दो-तीन हादसे हो भी चुके हैं। जिसमें एक कॉलेज जाने वाली छात्रा की जान भी जा चुकी है। लेकिन तमाम निर्देशों के बाद बस अड्डे के बाहर सुधार नहीं आ रहा।
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बस अड्डे के बाहर जमा रहते हैं प्राइवेट वाहन: बस अड्डे के अंदर व बाहर प्राइवेट वाहनों की लाइन लगी रहती है। सड़क के दूसरी ओर निजी वाहनों के अलावा प्रवेश व निकास द्वार के बाहर ऑटो खड़े रहते हैं। जिस कारण कई बार तो बसों को अंदर प्रवेश करते समय बाहर रोकना पड़ता है। दिन भर यहां भीड़भाड़ नजर आती है।
ऑटो के कारण जाम की स्थिति: प्रवेश द्वार के बाहर ऑटो चालकों में सवारी उठाने की होड़ लगी रहती है। जैसे ही बस आती है, ऑटो चालक ऑटो को गेट के बाहर खड़ा कर देते हैं। कई ऑटो लाइन में लगे रहते हैं। जिस कारण बसों के अंदर प्रवेश करने व बाहर निकलने व लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
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सडक़ सुरक्षा सप्ताह की बैठक में उठ चुका है मुद्दा -मुख्यमंत्री के सड़क सुरक्षा सहयोगी भारत नागपाल ने बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठक में यह मुद्दा उठाया गया था। पिछले महीने एक कॉलेज जाने वाली छात्रा की बस के नीचे आने से प्रवेश द्वार के निकट मौत भी हो गई थी। इस तरह के कई हादसे जानकारी में आए थे। जिस कारण यहां प्रवेश द्वार पर अतिक्रमण हटाने व बसों को प्रवेश द्वार पर ना रोकने के लिए जीएम रोडवेज को लिखा गया है।
बसों के लिए सर्विस रोड पर अतिक्रमण: शहर वासी अशोक कुमार, पवन कुमार का कहना है कि नेशनल हाईवे की बजाए बसों को अंदर जाने के लिए सर्विस रोड बनाई गई थी। लेकिन यह सर्विस रोड अतिक्रमण की जद में है। यहां रेहड़ी चालकों व वाहनों का जमावड़ा रहता है। सड़क के दूसरी ओर टैक्सी कैब व अन्य वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। जिस कारण यहां हर समय भीड़भाड़ की स्थिति रहती है।
आरएसओ के सदस्य राजू डोहर ने कहा कि यहां पर कई हादसे हो चुके हैं। इसीलिए इन हादसों को रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
जीएम रोडवेज रामकुमार ने कहा कि बस अड्डे के अंदर प्राइवेट वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस बात को सूचित करते हुए फ्लेक्स बोर्ड लगाया गया है। इससे काफी हद पर नियंत्रण हुआ है। बस अड्डे के बाहर के अतिक्रमण के लिए प्रशासनिक टीम को अभियान चलाना पड़ेगा। बसों को प्रवेश द्वार पर रोकने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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