राजौंद। संतोख माजरा गांव में 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले क्रिसमस-डे को लेकर चर्च को सजाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। चर्च कमेटी के सदस्यों ने बताया कि यह दिन “बड़े दिन” के रूप में भी मनाया जाता है और इसके लिए आसपास के गांवों से हजारों लोग यहां एकत्रित होते हैं।
क्रिसमस-डे की पूर्व संध्या पर गांव स्थित चर्च में बच्चों द्वारा रंगबिरंगी पोशाकें पहनकर सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं। इसके लिए गिरजाघर को सजाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। चर्च कमेटी के सदस्यों ने बताया कि 25 दिसंबर को केवल गांव के लोग ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग अपने पैतृक गांव में प्रभु यीशु की प्रार्थना करने पहुंचते हैं। इसके अलावा आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग भी इस दिन प्रार्थना में भाग लेते हैं। ईसाई समुदाय के लोग इस दिन को दीपावली की तरह तैयारियों के साथ मनाते हैं। संवाद