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Kaithal News: नाबालिग से वेश्यावृत्ति कराने वालीं महिलाओं को कैद

Sun, 03 Mar 2024 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। एडीजे की अदालत ने एक नाबालिग को बंदी बनाकर वेश्यावृत्ति करवाने के आरोप में दो महिलाओं को तीन-तीन साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जुर्माना न देने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस बारे में पीड़ित नाबालिग के पिता ने थाना शहर में 25 दिसंबर 2019 को केस दर्ज करवाया था। नाबालिग के मिलने के बाद बाद पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं समेत पॉक्सो अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था जबकि बाद में इम्मोरल ट्रैफिक एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी गईं।
केस की पैरवी करने वाले डीडीए मुकेश कुमार ने बताया इस मामले में अदालत ने दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता की 16 साल की नाबालिग बेटी 20 नवंबर 2019 को घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिवार वालों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
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शिकायतकर्ता ने शक जताया कि कोई युवक उसकी लड़की का अपहरण कर कर ले गया है। लड़की ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया गया कि उसकी भाभी अंजलि ने उसे घर से भगाया और श्रीगंगानगर ले गई। वहां पर अंजलि ने उसे पांच लाख रुपये में प्रीति के हाथों बेच दिया। पहले अंजलि और बाद में प्रीति उससे गलत काम करवाती रही। उसे एक कमरे में बंद रखा जाता और खाना भी बहुत कम दिया जाता। वह घर का काम करती और रात में गलत काम के लिए मजबूर किया जाता था। यह काम घर पर चलता था।
उसे एक स्पा सेंटर में भी भेजा जाता। इस बीच पीड़ित लड़की गर्भवती भी हो गई, लेकिन आरोपियों ने उसका गर्भपात करवा दिया। किसी तरह उनके चुंगल से छूटकर लड़की अपने घर पहुंची और उसने सारा आपबीती अपने परिजनों को बताई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोग अंजलि, प्रीति, पुष्पेंद्र और संदीप के खिलाफ केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 25 व बचाव पक्ष की ओर से 15 गवाह पेश किए गए। एडीजे डाॅ. गगनदीप कौर सिंह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पुष्पेंद्र और संदीप को बरी कर दिया और प्रीति उर्फ पूजा और अंजलि को तीन-तीन साल कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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