एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय में मंगलवार को महिला सशक्तीकरण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय की छात्राओं ने भाग लिया। मुख्य वक्ता के तौर पर सिनेका कॉलेज टोरंटो कनाडा से अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर प्रभा शर्मा ने कहा कि जब तक महिलाओं को मानसिक रूप से विकसित नहीं किया जाएगा तब तक महिलाओें का विकास संभव नहीं है। महिला सशक्तीकरण आज भारत ही नहीं विश्व के अनेक देशों के लिए ज्वलंत समस्या है।
आधुनिक समाज में आज भी महिलाएं अनेक समस्याओं से जूझ रही हैं जिसमें मुख्य रूप से घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न है। इसके पीछे बहुत बड़ा कारण यह कि महिलाओं को आज भी समाज में पुरुष वर्ग से पीछे समझा जाता है। आज जरूरत है कि महिलाएं आगे बड़ें और इन समस्याओं को पीछे छोड़कर समाज में रोल मॉडल बनकर आगे आएं। महिलाओं के विकास के लिए आवश्यक है कि उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से प्रशिक्षित किया जाए। कार्यशाला में प्रभा ने विश्वविद्यालय की छात्राओं को महिलाओं की शक्ति से परिचित कराया।
कार्यशाला में भाग ले रही यूगांडा की शिसी, गंाबीया की कैडी, भूटान की सोनम और भारत की उजमा, प्रीति, रोहिला ने बताया कि कार्यशाला से उन्हें बहुत लाभ हुआ है। छात्राओं ने बताया कि वे अब और अधिक मेहनत कर सामाजिक बंधनों से आगे बढ़कर नारी को और अधिक सशक्त बनाएंगी।