संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकार की ओर से जारी की गई सीएमआर पॉलिसी के विरोध में आए राइस मिलरों के समर्थन में अब अनाज मंडी के आढ़ती भी आ गए हैं।
राइस मिलरों की हड़ताल के समर्थन में सोमवार को नई अनाज मंडी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आढ़तियों ने बैठक की। इसमें आढ़तियों ने धान की सरकारी खरीद को लेकर चर्चा की। आढ़तियों ने बैठक में फैसला लिया कि वे इस बार राइस मिलों के बिना सरकारी खरीद एजेंसियों को धान बिल्कुल भी नहीं बेचेंगे।
उन्होंने मांग की कि डीएफएससी व अन्य सभी खरीद एजेंसियां लिखकर दें कि तोल के अगले दिन धान का उठान करवा खरीदे गए धान और घटोतरी भी न लेने के बारे में लिख कर दें। यदि वे ऐसा करेंगे तो ही वे किसानों का धान बेचेंगे। सभी आढ़ती अपने किसानों से कहें कि वे धान की फसल को पूरी तरह सुखाकर लाएं।
प्रधान रामकुमार ने आढ़तियों से अपील करते हुए कहा कि वे सड़कों पर फसल न डलवाएं। मंडी में फूंस बरसाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इस मौके पर मंडी प्रधान रामकुमार, इश्वर जैन, धनी राम, अशोक कुमार, दीप चंद, मुकेश कुमार, मोहनलाल व पवन कोटड़ा आदि लोग मौजूद रहे। संवाद
ढांड में मजदूरों संग प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। पीआर धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद नही किए जाने के विरोध में युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष राजीव आर्य के नेतृत्व में पुरानी अनाज मंडी में किसानों व मजदूरों ने प्रदर्शन किया। आर्य ने सरकार पर आरोप लगाया है कि जानबूझ कर एक साजिश के तहत किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है।
उन्होंने कहा कि मंडियां धान से अटी हुई है। किसान सडक़ों पर धान डालने को मजबूर हो रहा है। यदि दो दिनों तक यही स्थिति रही तो सडक़ों पर भी जगह नही रहेगी। इस समय सरकार किसानों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। एक तरफ कहती है कि हमने 27 सितंबर से मंडियों में खरीद शुरू कर दी है। जबकि सच्चाई तो यह है कि आज तक एक भी दाना ढांंड मंडी से सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा नही खरीदा गया है।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष आर्य ने कहा कि केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और प्रदेश में भी इस समय भाजपा का मुख्यमंत्री कार्यवाहक है। उन्हें तो चुनाव में जीत हासिल करने की होड़ लगी हुई है। किसान की सोचने वाला कोई नही है। धान का सारा मामला केंद्र सरकार के अधीन आता है। राइस मिलर्स अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है।
उन्होंने कहा किअगर केंद्र सरकार चाहे तो राइस मिलरों के साथ बातचीत कर उनकी समस्या का हल निकाल धान खरीद का रास्ता अख्तियार कर सकती है लेकिन भाजपा ऐसा नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों को परेशान करने में लगी हुई है।
आर्य ने कहा कि अगर सरकार ने शीघ्र ही खरीद शुरू नही की तो भाकियू सडक़ों पर उतरने को मजबूर होगी जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।