संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बढ़ती ठंड ने मूंगफली और गजक के कारोबार को बढ़ा दिया है। गुड़ और मूंगफली से तैयार होने वाले गजक को लोग सेहत के लिए भी लाभकारी मानते हैं। शहर में जगह-जगह मूंगफली, गजक और रेवड़ी बेचने वालों की बिक्री में तेज़ी आई है।
व्यापारी राजू यादव और प्रदीप कुमार का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार कारोबार बेहतर रहने की उम्मीद है। ठंड के शुरुआती दिनों से ही बिक्री तेज़ हो गई है और त्योहारों व पारिवारिक आयोजनों की वजह से मांग और बढ़ रही है। छात्रावास रोड, करनाल रोड, मुख्य बाजार, रेलवे रोड और बस स्टैंड समेत प्रमुख चौक-चौराहों पर छोटी-बड़ी दुकानों और ठेलों पर मूंगफली, गजक और रेवड़ी मिल रही हैं।
बिक्री सुबह से शाम तक होती रहती है। दफ्तर और स्कूल-कॉलेज से लौटते समय लोग राह चलते मूंगफली खरीदते हैं। तिल और गुड़ से बने गजक की भी खास मांग है। लोग इसे न सिर्फ खाने के लिए, बल्कि रिश्तेदारों को भेजने के लिए भी खरीद रहे हैं। कुछ व्यापारी अन्य प्रदेशों से आकर अस्थाई तौर पर स्टॉल लगाते हैं।
पिछले साल के मुकाबले बढ़े दाम
शहर में मूंगफली 150 रुपये प्रति किलो बिक रही है। गजक शहर के कटारिया रेवड़ी, गजक विक्रेता ने बताया कि दुकान पर 150 से 500 रुपये प्रति किलो तक गजक बिक रही है। वहीं, रेवड़ी के भी अलग-अलग स्वाद बनाए गए है। इलायची, पिस्ता,गुड से बनी रेवड़ियों के भाव 160 से 400 रुपये तक होते हैं। मूंगफली, गजक, और रेवड़ी के दामों में 10 फीसदी से अधिक इजाफा हुआ है। पिछले साल मूंगफली 120 रुपये प्रतिकिलो थी। गजक पांच पीस का पैकेट 60 रुपये का हो गया है। पिछले साल यही पैकेट 50 रुपये तक बिका था। रेवड़ी का 200 ग्राम का पैकेट भी 50 रुपये का हो गया है। इसमें भी 10 रुपये की बढोतरी हुई है।
शहर मैं मूंगफली व रेवड़ी का बेचता दुकानदार