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Kaithal News: बढ़ते तनाव के साथ हुक्के का शौक बन रहा हृदयाघात का सबब

Sun, 29 Sep 2024 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। विश्व हृदय दिवस रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन को मनाने का मकसद दुनियाभर में लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करना है परंतु बढ़ रहे तनाव के कारण अब अधिक संख्या में युवा हृदय संबंधित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके साथ हुक्के का प्रयोग भी इसका कारण चिकित्सकों ने बताया।

गौरतलब है कि कोरोना के बाद से लोगों में खून गाड़ा होने व प्रतिरोधक शक्ति कमजोर होने की वजह से नाड़ियां बंद होने की आशंकाएं बढ़ी हैं। इस कारण पिछले एक साल से ओपीडी में आने वाले मरीजों में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, डॉक्टरों के मुताबिक इस समय अब 30 से 40 आयु के युवाओं में दिल से संबंधित बीमारियां बढ़ी है।
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डॉक्टरों के मुताबिक इस समय अब 30 से 40 आयु के युवाओं में दिल से संबंधित बीमारियां बढ़ी है। दरअसल, खराब लाइफस्टाइल, तनाव और खान-पान पर ध्यान न देने के कारण युवा आ रहे हृदय घात की चपेट में आ रहे हैं। इस समय युवाओं में हुक्के का प्रचलन भी बढ़ रहा है। दिल से संबंधित बीमारियां शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करने के कारण भी हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी सी जागरूकता हमारी जिंदगी को खतरे में जाने से रोक सकती है।

वहीं, इस समय सरकारी अस्पताल में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। पूरे जिले में महज सिग्नस अस्पताल में केवल एक मात्र हृदय रोग विशेषज्ञ है।

वहीं, सरकारी अस्पताल में चिकित्सक न होने के चलते कई लोगों को रोहतक और चंडीगढ़ इलाज करवाने के लिए जाना पड़ता है। सिग्नस अस्पताल में हृदय

रोगों की जांच के लिए प्रतिदिन 50 से अधिक लोगों की ओपीडी हो रही है। इसमें से 20 ऐसे मरीज अपना इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। जिनकी आयु 25 से 40 आयु है।
हृदय रोग से ऐसे करें बचाव
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पौष्टिक आहार के साथ स्वस्थ दिनचर्या पर ध्यान देकर खतरा कम कर सकते हैं।

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लक्षण दिखने पर तुरंत डाक्टरी सलाह लें। किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

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नियमित रूप से योग और व्यायाम करें। इससे दिमाग भी शांत रहता है।

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सबसे जरूरी है जागरूकता। यदि जागरूक रहेंगे तो इसका खतरा टल सकता है।

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खाने में नमक की मात्रा कम करें। जहां तक संभव हो सेंधा नमकका प्रयोग करें।
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पौष्टिक आहार के साथ स्वस्थ दिनचर्या पर ध्यान देकर खतरा कम कर सकते हैं।

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लक्षण दिखने पर तुरंत डाक्टरी सलाह लें। किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

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नियमित रूप से योग और व्यायाम करें। इससे दिमाग भी शांत रहता है।

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सबसे जरूरी है जागरूकता। यदि जागरूक रहेंगे तो इसका खतरा टल सकता है।

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खाने में नमक की मात्रा कम करें। जहां तक संभव हो सेंधा नमकका प्रयोग करें।
ये हैं मुख्य लक्षण
nकम उम्र में धूम्रपान की आदत।

nबढ़ा हुआ बाडी फेट।

nमधुमेह और उच्च रक्तचाप होना।

nखान-पान पर ध्यान न देना।

nज्यादा तनाव लेना।

nफास्टफूड का सेवन अधिक करना।

अब दिल से संबंधित बीमारियां लगातार बढ़ रहीं, जागरूकता है जरूरी ः चावला
संवाद न्यूज एजेंसी

कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार को विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में अस्पताल के सभी चिकित्सकों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरडी चावला और प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरडी चावला और प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने कहा कि अब दिल से संबंधित बीमारियां लगातार बढ़ रही है। इस कारण अब ओपीडी में आने वाले मरीजों में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। विश्व हृदय दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को हृदय के रोगों के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे इलाज लेकर इससे बच पाएं।
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जागरूकता ही हमारी जिंदगी को खतरे में जाने से रोक सकती है। इस मौके पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. आशीष मित्तल, डॉ. मीनाक्षी गोयल, डॉ. पायल गुप्ता, डॉ. धर्मपाल सिंह व अस्पताल का अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
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