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Kaithal News: हाथों में मेहंदी, मन में पति की लंबी उम्र की कामना, फिर भी ड्यूटी को पहला धर्म मान रहीं महिलाएं

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नर्सिंग ऑफिसर सुनीता - फोटो : Samvad
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। हाथों में मेहंदी, मन में पति की लंबी उम्र की कामना और आंखों में करवाचौथ के त्योहार की खुशी। इसके बावजूद अस्पतालों में ड्यूटी कर रही महिलाओं के लिए मरीजों की सेवा सबसे अहम है। करवाचौथ पर जहां अधिकांश महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखकर त्योहार मनाती हैं, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी महिलाएं अपनी धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।
किसी के पति भी अस्पताल में साथ हैं तो कोई व्रत के बीच मरीजों की देखभाल में जुटी है। इनके लिए पति की लंबी उम्र की कामना और मरीजों की सेवा, दोनों ही अपने-अपने स्थान पर महत्वपूर्ण हैं। ये महिलाएं एक ओर व्रत रखकर अपनी आस्था निभा रही हैं, तो दूसरी ओर मरीजों की देखभाल करके यह संदेश भी दे रही हैं कि कर्तव्य और विश्वास साथ-साथ चल सकते हैं। इनके लिए मरीजों की सेवा ही वह जिम्मेदारी है, जिसे निभाकर वे अपने त्योहार को भी खास बना रही हैं।
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हाथों में मेहंदी, ड्यूटी से नहीं हटे कदम
नागरिक अस्पताल के गायनी ओपीडी में तैनात नर्सिंग ऑफिसर सुनीता ने करवाचौथ का व्रत रखने के साथ ड्यूटी भी निभाई। हाथों में सजी मेहंदी के बावजूद उन्होंने मरीजों की देखभाल को प्राथमिकता दी। सुनीता ने कहा कि त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताने का मन सभी का होता है, लेकिन अस्पताल में मरीजों को उनकी जरूरत रहती है। पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर आस्था निभा रही हैं और ड्यूटी करके अपना कर्तव्य भी पूरा कर रही हैं।
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पति-पत्नी दोनों ड्यूटी पर, सेवा को प्राथमिकता
नागरिक अस्पताल की एएनसी फार्मेसी में तैनात नर्सिंग ऑफिसर नीलम काला करवाचौथ पर ड्यूटी निभा रही हैं। उनके पति भी अस्पताल में उनके साथ ड्यूटी पर हैं। नीलम ने कहा कि करवाचौथ आस्था और भावनाओं से जुड़ा त्योहार है, लेकिन मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। त्योहार पर कुछ कर्मचारियों का ड्यूटी पर रहना आवश्यक है, ताकि अस्पताल की सेवाएं जारी रहें और मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

दूसरी महिलाओं की छुट्टी के लिए संभाली ड्यूटी
नागरिक अस्पताल के गायनी विभाग में तैनात नर्सिंग ऑफिसर नीती करवाचौथ पर विशेष रूप से ड्यूटी पर आईं। उन्होंने बताया कि वह व्रत नहीं रखती हैं, इसलिए दूसरी महिलाएं व्रत रख सकें और त्योहार पर छुट्टी लेकर परिवार के साथ समय बिता सकें, इसके लिए उन्होंने ड्यूटी संभाली। नीती ने कहा कि त्योहार की खुशियों और धार्मिक परंपराओं के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाना भी जरूरी है। मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में सेवाएं जारी रहनी चाहिए।
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व्रत के साथ मरीजों की सेवा भी जरूरी
चंडीगढ़ अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनाली ढिल्लों करवाचौथ का व्रत रखने के साथ मरीजों का इलाज भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के पेशे में मरीजों की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। त्योहार हो या सामान्य दिन, मरीजों को कभी भी इलाज की जरूरत पड़ सकती है। पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर वह अपनी आस्था निभा रही हैं, वहीं मरीजों का इलाज करके अपनी सामाजिक और पेशेवर जिम्मेदारी भी पूरी कर रही हैं।

नर्सिंग ऑफिसर सुनीता- फोटो : Samvad

नर्सिंग ऑफिसर सुनीता- फोटो : Samvad

नर्सिंग ऑफिसर सुनीता- फोटो : Samvad

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