कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी एवं पूर्व मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने सवाल पूछा है कि क्या हरियाणा की ढाई करोड़ जनता कीड़े-मकौड़े हैं, जो कोरोना का अपना इलाज आईटीआई पिंजूपुरा व कृषि कॉलेज कौल जैसे शिक्षण संस्थानों में बनाए गए सेंटरों में करवाएं। दूसरी ओर देश के गृह मंत्री अमित शाह, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल सहित अन्य भाजपा मंत्री व नेता प्राइवेट फाइव स्टार अस्पतालों में अपना कोरोना का इलाज करवा रहे हैं। क्या सत्ताधारी दल के नेताओं को इंडियन मेडिकल इंस्टीट्यूट जैसी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास नहीं है? क्या पीजीआई रोहतक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल जैसे संस्थान सक्षम नहीं हैं? यदि सत्ताधारी दल के नेता ऐसा नहीं समझते तो उन्हें जवाब देना चाहिए कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं क्यों चरमरा गई हैं। जनता यह सवाल पूछ रही है। वे सभी भाजपा के उन सभी नेताओं के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं, जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में सुरजेवाल ने उक्त सवाल पूछा। साथ ही कहा कि हरियाणा में प्रत्येक परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो रहा है। पीटीआई परीक्षा का प्रश्न पत्र भी लीक हो गया। एचपीएससी की डीआईपीआरओ की भर्ती का परिणाम आधे घंटे बाद बदल दिया गया, पास को फेल और फेल को पास कर दिया गया। इस खेल पर वे मीडिया के सामने अलग से बात रखेंगे।
कोरोना में सिर्फ भाजपा को अवसर मिला
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कोरोना को अवसर के तौर पर देख रहे हैं। वे देख सकते हैं क्योंकि कोरोना में किसानों की गेहूं खरीद से बचने का अवसर मिला, पीएम केयर फंड में 10 हजार करोड़ से अधिक का जनता का रुपया एकत्रित करने का अवसर मिला, हरियाणा में सीएम फंड में ढाई सौ करोड़ रुपये का फंड एकत्रित करने का अवसर मिला, पेट्रोल व डीजल पर लाखों करोड़ रुपये की राशि जनता से लूटने का अवसर मिला, हर घर में बिजली के छापे मारने का अवसर मिला, 14 करोड़ नौकरी छीन कर वेतन ही ना देने का अवसर मिला, अवैध शराब बिकवाकर घोटाले करने का अवसर मिला, अनाज मंडी व एमएसपी का धंधा बंद कर किसान, आढ़ती व मजदूर का रोजगार छीनने का अवसर मिला। इससे लगता है कि कोरोना भाजपा के लिए अवसर है। देश की जनता पिस रही है।
परीक्षार्थी अगर कोरोना संक्रमित हो गए तो किसकी जिम्मदारी?
सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस जेईई-एनआईआईटी परीक्षा करवाने के हक में है, लेकिन यदि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने, परीक्षा केंद्र में पहुंच कर कोरोना से ग्रसित हो गए तो इन अभिभावकों, विद्यार्थियों व ड्यूटी देने वाले अध्यापकों की जिम्मेवारी किसकी होगी? देश में करनाल जिला कोरोना संक्रमित जिलों में अग्रणी है। तो सीएम को सोचना चाहिए कि यह क्यों है? भाजपा के मंत्री ओमप्रकाश द्वारा एक एसपी को लेकर वायरल हो रही ऑडियो में यदि आवाज मंत्री की है तो यह गंभीर प्रश्न है। जब मंत्री ही संगठित अपराध पर शासन की मिलीभगत होने की बात कर रहा है तो प्रदेश की जनता व शासन की सुरक्षा कौन करेगा?