कैथल। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदयभान हुड्डा खेमे से माने जाते हैं। वैसे तो वे कांग्रेस की गुटबाजी को सिरे से खारिज करते रहे हैं, लेकिन रविवार रात को सुधीर मेहता के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में रणदीप सुरजेवाला के विधानसभा क्षेत्र में आकर गुटबाजी के सवाल पर सख्त संदेश देने का प्रयास करते दिखे। उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर कुमारी शैलजा हों, किरण चौधरी हों या कोई अन्य गुट, सख्त संदेश देने का प्रयास किया और कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है। कांग्रेस एक है, सभी एकजुट हैं। जब उनसे पूछा गया कि धरने-प्रदर्शनों में कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं के समर्थक अलग-अलग दिखते हैं। कोई गुट आता ही नहीं, कोई अकेला गुट धरने देता है तो उन्होंने कहा कि सभी एकजुट हैं। जो अलग जाएगा, वह अलग-थलग पड़ जाएगा, वो अकेला ठूंठ रह जाएगा। अंगूठा दिखाते हुए उन्होंने कहा कि उसे अंगूठे के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। उल्टा भाजपा में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए उन्होंने सांसद अरविंद शर्मा, अनिल विज, धनखड़ पर ही अलग-अलग राहें हैं। भाजपा बेवजह कांग्रेस को गुटबाजी के आरोप लगाकर बदनाम करती है।
जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस पार्टी का संगठन क्यों नहीं बन पा रहा? तो उनके लहजे में थोड़ी तल्खी आ गई। उनका कहना था कि मुद्दे की बात पूछनी चाहिए? संगठन की आप से ज्यादा मुझे चिंता है। संगठन धरातल पर है, जहां जिला अध्यक्ष नहीं बने हैं, वहां हमारे जिला व ब्लॉक प्रभारी हैं। प्रक्रिया है, वह पूरी हो चुकी है। किसी भी समय संगठन की घोषणा कर दी जाएगी। आप चिंता न करें, आप से ज्यादा वह हमारी सिरदर्दी है। यह हमारे ऊपर छोड़ दीजिए। जिला अध्यक्ष न बनाए जा पाने का कारण पूछने पर उन्होंने फिर कहा कि कोई कारण नहीं है जिला अध्यक्ष न बनाने का। जल्द ही नामों की घोषणा कर दी जाएगी। संगठन के तौर पर सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
जिस तरह से संगठन के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष लीपापोती करते नजर आए, उससे स्पष्ट है कि अभी कांगे्रस पार्टी में जिला अध्यक्ष की दौड़ में शामिल कार्यकर्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।