कैथल। लघु सचिवालय परिसर, जहां जिले की पूरी सरकार बैठती है। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को यहीं पर बैठकर सरकार की योजनाओं को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए जाते हैं। पानी की बचत पर भी यहां कई बार बैठकें होती हैं लेकिन लघु सचिवालय परिसर में आने वाले लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा। 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बीच लोगों का गला सूख जाता है। तीन मंजिले भवन में महज दो वाटर कूलर हैं, जो ठीक ढंग से काम कर रहे हैं। इसके अलावा दो जगहों से वाटर कूलर हटा दिए गए हैं। लोगों को पानी की बोतल खरीद कर पीना पड़ता है।
लघु सचिवालय में जमीनी स्तर पर तहसीलदार कार्यालय के बाहर एक वाटर कूलर लगा है जिसमें कूलिंग नहीं होती। पानी गर्म रहता है। इसमें पानी आता जरूर है लेकिन इसे प्यूरीफायर करने का सिस्टम पास में टंगा हुआ है जो काम नहीं कर रहा। यहीं पर सबसे ज्यादा लोगों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा पहली मंजिल पर एसपी कार्यालय के बाहर एक वाटर कूलर लगा है जिसमें पानी आता है। साथ में इसमें ठंडा पानी भी रहता है। डीसी कार्यालय हो या एडीसी कार्यालय, यहां आने वाले लोग भी किसी तरह कर्मचारियों से पूछताछ कर इस वाटर कूलर तक पहुंचते हैं और अपनी प्यास बुझाते हैं।
दूसरी मंजिल पर डीआरओ कार्यालय के बाहर गैलरी में एक वाटर कूलर रखा है जिसमें पानी ठंडा रहता है और पानी की आपूर्ति भी ठीक मिली। इसके अलावा इस मंजिल पर कहीं भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। डीडीपीओ कार्यालय के बाहर एक वाटर कूलर था, जो अब नहीं है। इसके अलावा पूरे लघु सचिवालय परिसर में आमजन के लिए पेयजल की सुविधा नहीं है। गांव रोहेड़ा से लघु सचिवालय में आए देवीदत्त ने कहा कि वे तहसील कार्यालय में किसी काम से आए थे। यहां गर्म वाटर कूलर में गर्म पानी है। डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि लघु सचिवालय में पानी की समस्या संज्ञान में आई है। जल्द ही समस्या का समाधान करवाया जाएगा।