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‘43 डिग्री तापमान में भरी दोपहरी में जरूरत पड़े तो कहां से लाएं पीने का पानी’

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पिछले आठ माह से पेयजल की किल्लत झेल रही गांव सहारण का महिलाओं के सब्र का बांध उस समय टूट गया, जब महिलाओं को 43 डिग्री सेल्सियस तापमान में दो-दो किलोमीटर दूर स्थित गांवों से पीने का पानी लाने की नौबत आ गई। पेयजल की किल्लत और अधिकारियों की कार्यप्रणाली से खफा गांव की दर्जनों की संख्या में महिलाएं शुक्रवार को जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में पहुंची और जमकर रोष प्रकट किया। महिलाओं ने विभाग के कर्मचारियों पर भी पेयजल सप्लाई के कनेक्शन दुरुस्त करवाने की एवज में उनसे रुपये मांगने के आरोप जड़े। साथ ही चेतावनी दी कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे नेशनल हाइवे 152 पर जाम लगा देंगी। अधिकारियों द्वारा इसी महीने में पूरे गांव में पेयजल सप्लाई ठीक करवाने का आश्वासन दिया गया तो महिलाएं गांव वापस लौटने को राजी हुई।
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महिलाएं बोली
रोष प्रदर्शन में शामिल महिला पतासो देवी, सुमन, नन्ही देवी, सरोज, संतरो देवी, बाला, निवर्तमान सरपंच नरेंद्र व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 400 से ज्यादा घरों में पेयजल को लेकर दिक्कतें बनी हुई है। इससे गांव की 2000 से ज्यादा आबादी पर प्रभाव पड़ रहा है। पिछले आठ माह से ग्रामीण पानी की किल्लत झेल रहे हैं। कभी गांव देवबन से तो कभी गांव बालू से दो-दो किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाती हैं। अब गर्मी के मौसम में अगर दोपहर को पानी लाना पड़ जाए तो दो किलोमीटर का रास्ता नर्क के बराबर हो जाता है।
महंगे दामों में कैंपर खरीदकर पीना पड़ता है। पानी की समस्या के चलते घर में खाना, बनाने, कपड़े धोने, पशुओं को पानी पिलाने सहित अन्य सभी कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। गांव वासी इतने ज्यादा समृद्ध भी नहीं हैं कि अपने-अपने घरों में खुद के पंप लगवा सकें। महिलाओं ने तल्ख लहजे में चेतावनी दी कि अगर एक महीने के अंदर गांव में पेयजल की सप्लाई दुरुस्त नहीं की गई तो वे हाइवे पर जाम लगाने का मजबूर होंगी।
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रोष जताते हुए महिलाओं ने बताया कि गांव में आठ माह से पेयजल सप्लाई के पुराने पाइपों के स्थान पर नई लाइन बिछाने का कार्य शुरू गया था। आज तक ग्रामीणों के कनेक्शन जारी नहीं किए गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से यह कार्य किया जाना था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जो अधिकारी व कर्मचारी गांव में कनेक्शन देने के लिए लगे हैं, वे भी कनेक्शन के लिए रुपये मांग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गांव के बाहर से तो पाइप लाइन बिछा दी, लेकिन अंदर नहीं बिछाई गई है।
जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एमएस राणा ने कहा कि ग्रामीणों ने गांव में पेयजल पाइप लाइन बिछाने की मांग की थी, उस पर काम चल रहा है। कुछ गलियां छूट गई थी, उस बारे ग्रामीणों ने मांग की है कि उन गलियों में भी लाइन बिछाई जाए। इसके लिए इस्टीमेट तैयार किए गए हैं। गांव में नए वाटर प्लांट का काम चल रहा है, जो पहले से ट्यूबवेल है उसे आज ही चालू कर दिया जाएगा। पैसे मांगने के आरोपों पर ग्रामीणों को लिखित शिकायत देने बार कहा गया, लेकिन उन्होंने कोई शिकायत किसी के खिलाफ नहीं दी है। ग्रामीणों ने एडिशनल पाइप लाइन बिछाने की मांग की है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
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