किसानों द्वारा गुहला में बाहरी क्षेत्र से आने वाली गाड़ियां पकड़ने के विरोध में राइस मिलर्स ने शनिवार रात से ही खरीद कार्य बंद कर दिया। मिलर्स के विरोध को देखते हुए किसानों ने भी बाद में इन गाड़ियों की जांच बंद कर दी। इस पर मिलर्स ने एसएचओ के आश्वासन पर हड़ताल वापस ले ली।
किसानों ने दो दिन में सैकड़ों की संख्या में ट्रक पकड़कर जांच अभियान चलाया था। किसानों की शिकायत के बाद डीएमईओ अभिनव वालिया जांच के लिए पहुंचे थे। डीएमईओ ने देर रात तक मिलर्स की 15 गाड़ियों से 3 लाख 71,372 रुपये मार्केट फीस और जुर्माना भी वसूला। वहीं देर रात मिलर्स ने इस तरह की जांच के विरोध में हड़ताल का एलान कर दिया। इसके बाद एसएचओ ने भी किसानों को आश्वासन दिया। इसके बाद किसान नेता चमकौर सिंह ने कहा कि गाड़ियों की जांच किसानों द्वारा इसलिए की गई है कि पिछले लंबे समय से यह सब चल रहा था। पहले किसान बोलता नहीं था। अब किसान धीरे-धीरे जागरूक हो रहा है। मिलर्स को अपने मिल चलाने के लिए बाहरी राज्यों से धान मंगवाना मजबूरी है, लेकिन पहले स्थानीय किसानों की धान का एक-एक दाना खरीद करें ताकि यहां का किसान अपनी फसल को बेचने के लिए कहीं मारा-मारा न फिरे।
हरियाणा राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष हंसराज सिंगला ने बताया कि मिलर्स को चीका थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जयवीर ने आश्वस्त किया है कि किसान मिलर्स की गाड़ियां नहीं रोकेंगे। इस पर निर्णय लेते हुए मिलर्स ने हड़ताल समाप्त कर दी है। एसएचओ जयवीर सिंह ने कहा कि मिलर्स शिकायत लेकर आए थे और ट्रक न छोड़े जाने की एवज में कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन किसानों ने रात ही गाड़ियां छोड़ दीं।