संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर कैथल में श्रीमद् भागवत कथा शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इस मौके पर कथा वाचक पंडित दिव्या ने प्रसंग सुनाया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया तो देवराज इंद्र ने हार मान ली थी।
इससे पूर्व तीसरे दिन की कथा के कार्यक्रम में भगवान चंद सैनी में उनकी धर्मपत्नी राजरानी सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्जवलित करके शुभारंभ किया। कथा के तीसरे दिन शिव पार्वती विवाह की झांकी निकाली।
इस दौरान सभी भक्तजनों ने शिव विवाह का खूब आनंद लिया। कथा वाचक पंडित दिव्या ने श्री कृष्ण की ओर से गोवर्धन पर्वत उठाने का प्रसंग सुनाया। इसमें बताया कि भारी वर्षा को देख भगवान श्री कृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर उठाकर पूरे नगर वासियों को पर्वत को नीचे बुला लेते हैं। जिससे हार कर इंद्र एक सप्ताह के बाद वर्ष बंद कर देते हैं।
इसके बाद ब्रज में भगवान श्री कृष्ण व गोवर्धन भगवान के जयकारे लगने लगते हैं। मौके पर भगवान को छप्पन भोग लगाया गया। इस मौके पर अध्यक्ष घनश्याम मित्तल, सुरेश बिंदलिश, मंगल सैनी, राजकुमार सैनी, हैप्पी आदि मौजूद थे।