संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दुर्गा शक्ति टीम की महिला एचसी नीतू व महिला सिपाही प्रियंका ने आईजी कॉलेज कैथल में मंगलवार को छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों-डायल 112, ट्रिप मॉनिटरिंग सिस्टम व दुर्गा शक्ति एप- की विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं को समझाया कि मुसीबत में फंसने पर दुर्गा शक्ति एप की मदद ले सकती हैं।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि टीम ने छात्राओं को महिला अपराधों जैसे छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज हत्या व तस्करी आदि की रोकथाम के लिए उपलब्ध कानूनों व त्वरित सहायता सेवाओं के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दुर्गा शक्ति एप और दुर्गा शक्ति फोर्स संकट में फंसी महिलाओं तक तुरंत पहुंचकर सहायता प्रदान करती है।
इसके अलावा, देर रात घर लौटने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा शुरू किए गए ट्रिप मॉनिटरिंग सिस्टम की भी जानकारी दी गई। कोई भी महिला 112 पर कॉल कर सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस की सहायता ले सकती है।
पुलिस टीम ने छात्राओं से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति उनका पीछा करे, रास्ता रोकने का प्रयास करे या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत 112 या दुर्गा शक्ति एप के माध्यम से शिकायत दें और अपने अभिभावकों व शिक्षकों को भी सूचित करें। साथ ही, छात्राओं को साइबर अपराधों से सावधान रहने, किसी भी कॉल/मैसेज पर निजी जानकारी साझा न करने और साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
दुर्गा शक्ति एप की विशेषताएं
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त्वरित सहायता : आपातकालीन स्थिति में एप का एक बटन दबाने से पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट चला जाता है।
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लोकेशन ट्रैकिंग : एप स्वचालित रूप से उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन पुलिस को भेजता है।
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अन्य जानकारी : एप पंजीकरण के समय, रक्त समूह और अन्य विवरण भी महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर भेजता है।
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हेल्पलाइन नंबर : यह एप महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 से जुड़ा हुआ है, जिस पर भी उपयोगकर्ता बात कर सकते हैं।
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सुरक्षा संदेश : पुलिस एप के पयोगकर्ताओं को महिलाओं की सुरक्षा के बारे में संदेश और सुझाव भी भेज सकती है।
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पंजीकरण : एप को डाउनलोड करने और उपयोग करने के लिए पंजीकरण करना आवश्यक है।
ट्रिप मॉनिटरिंग ः महिलाएं पुलिस की मोबाइल एप या व्हाट्सएप सेवा पर यात्रा की जानकारी (जैसे शुरू करने का समय, गंतव्य, वाहन संख्या) दर्ज करती हैं। यात्रा के दौरान पुलिस नियंत्रण कक्ष उनके स्थान को जीपीएस के माध्यम से ट्रैक करता है। यदि यात्रा निर्धारित समय से अधिक लंबी चलती है, या वाहन मार्ग से भटक जाता है, तो पुलिस हस्तक्षेप करती है। आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता भेजी जाती है।