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आज से हो जाएगी धान की सरकारी खरीद शुरू

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जिले भर की अनाज मंडियों में शनिवार से धान की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। राइस मिलर्स ने मंडियों में पहुंच कर आढ़तियों के साथ खरीद का आश्वासन दिया है। वहीं खरीद शुरू होने की उम्मीद में शुक्रवार सायं कैथल अनाज मंडी में तीन दिन पहले खरीदी गई धान का तोल शुरू कर दिया गया। जिससे किसानों को राहत मिली है।
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विदित रहे कि 26 सितंबर से शुरू होने वाली धान की खरीद 2 अक्तूबर तक भी सुचारु रुप से शुरू नहीं हो पाई। जिस कारण पिछले सात दिनों से मंडियों में किसान परेशान हैं। शुक्रवार को कैथल एसडीएम संजय कुमार नई अनाज मंडी में पहुंचे और प्रधान कृष्ण मित्तल के प्रतिष्ठान पर आढ़तियों, मिलर्स व अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारियों के साथ पांच घंटे विचार-विमर्श किया। लेकिन मिलर्स और आढ़ती मांगें ना माने जाने तक खरीद को तैयार नहीं हुए। शाम को एसडीएम के जाने के बाद आढ़तियों ने सांसद नायाब सैनी से भी मुलाकात कर समस्याएं रखीं। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल ने कहा कि शनिवार से मिलर्स ने खरीद के लिए मंडियों में पहुंचने का आश्वासन दिया है। इसीलिए शनिवार से खरीद शुरू हो जाएगी। दूसरी ओर भाकियू नेता सतपाल दिल्लोंवाली की अगुवाई में खरीद शुरू होने की उम्मीद में दो दिन पहले खरीदी गई ढेरियों का तोल शुरू करवा दिया गया।
डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने कहा कि जिले भर में खरीद चल रही है। देर रात तक रिपोर्ट मिल जाएगी। उम्मीद है कि शनिवार से सरकारी खरीद का कार्य सुचारु रुप से होगा।
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राजौंद में बोली शुरू होने पर किसानों ने ली राहत की सांस
राजौंद। नगर के असंध रोड स्थित अनाज मंडी में पिछले पांच दिन से पड़ी धान की बोली शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार को खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा पहले दिन खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा पीआर धान की 170 क्विंटल खरीद की गई। हालांकि मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है। लेकिन नमी के चलते खरीद नहीं हो पा रही थी। जिन किसानों की धान की फसल की खरीद की गई उनमें नमी 17 प्रतिशत तक थी और उन्हें विभाग द्वारा संदेश भी भेजा गया था। राजौंद मार्केट कमेटी सचिव चरणदास व अजय कुमार ने बताया कि किसान विभाग द्वारा भेजे गए मैसेज से धान लेकर पहुंचे थे। लेकिन खरीद एजेंसी के लोग पांच दिन से नहीं आ रहे थे। जिससे किसानों की धान बिकने से दिक्कत हुई।
हरियाणा की मंडियों में खरीद न होने के कारण किसानों ने किया पंजाब की मंडियों का रुख
गुहला-चीका। हरियाणा की मंडियों में किसानों की धान खरीद को लेकर लगाई गई शर्तें पूरी न हो पाने के कारण मिलर्स अपने रुख पर अड़े हुए हैं। इसी कारण अधिकतर किसानों ने पंजाब की मंडियों की तरफ फसल बिक्री को लेकर रुख कर लिया है। हरियाणा से कुछ किसान जब अपनी धान पंजाब में बेचकर लौटे तो किसानों ने बताया कि जो धान हरियाणा में 14-15 सौ रुपये के बीच बिक रहा था वो पंजाब में सरकारी रेट के करीब बिका है। किसानों का यह भी कहना था कि हरियाणा में तो किसानों के साथ धोखा हो रहा है ओर उनकी धान को सस्ते रेटों पर खरीदा जा रहा है। हरियाणा राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष हंस राज सिंगला यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार अपने रुख में परिवर्तन नही लाती। उन्होंने कहा कि इस समय मिलर्स को सरकार के अड़ियल रवैय्ये के चलते भारी किल्लतों से दो-चार होना पड़ रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास नेे कहा कि मिलर्स शनिवार से काम शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि मंडियों से धान का उठान ठेकेदारों द्वारा ही किया जाएगा। वहीं हरियाणा राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष हंस राज सिंगला ने कहा कि सहमति मिली कि मिलर्स ठेकेदार को जितनी गाड़ियां देंगे, उनका किराया ठेकेदार मिलर को देगा।
पाई में भी नहीं हुई खरीद
पाई। पाई की अनाज मंडी में शुक्रवार को भी किसानों की सरकारी धान की खरीद नही हो पाई। मंडी के पूर्व प्रधान रणधीर सिंह फौजी ने बताया कि पाई मंडी में एफसीआई की खरीद है और इस समय लगभग 30 हजार बोरी पीआर धान की आई हुई है। खरीद एजेंसी के अधिकारी मंडी को खरीद करने का आस वासन देकर गये थे, परंतु उन्होंने अभी तक मंडी से एक भी दाना किसानों की फसल की खरीद नहीं की।
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