खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम से चोरी छिपे सरकारी गेहूं निकालकर एक भाजपा नेता के फ्लोर मिल में ले जाकर बेचने के चर्चित गेहूं घोटाले में गिरफ्तार अधिकारियों-कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। जिला न्यायालय ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के दो फूड इंस्पेक्टरों, दो चौकीदारों, फ्लोर मिल प्रबंधक समेत सभी छह आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
कलायत के एसडीएम डा.संजय कुमार ने 10 अक्तूबर को एक गोपनीय सूचना पर एक भाजपा नेता के फ्लोर मिल में जाकर ट्रक पकड़ा था, जिसमें 145 कट्टे सरकारी गेहूं भरा मिला था। उनकी ही निर्देश पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसकी जांच में घोटाला सामने आया था। जिसमें शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों व फ्लोर मिल प्रबंधक समेत छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। हालांकि जांच अधिकारियों ने जांच पूरी होने तक कोई भी जानकारी देने में इनकार कर दिया है लेकिन इस कार्रवाई के बाद महकमें में हड़कंप मच गया है। कलायत थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को एक दिन के रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ के बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया। यहां से न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। जांच को पूरी तरह निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा। किसी प्रकार की ढिलाई आरोपियों के प्रति नहीं की जाएगी।
सुचारु रूप से कामकाज के लिए बनाई जा रही नीति-
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम से सरकारी गेहूं चोरी होने का बड़ा मामला सामने आ चुका है। पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई करती हुई छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन इसके बावजूद विभाग की निद्रा अभी तक नहीं टूटी है। विभाग ने अभी तक यह जानकारी नहीं दी है कि आखिर इस गोदाम से अब तक कितना गेहूं बेचकर विभाग को कितना नुकसान पहुंचाया गया है। विभागीय स्तर पर अभी तक इन कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। फिलहाल इन अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थान पर दूसरे कर्मियों की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने कहते हैं कि एफआईआर के बाद जो भी नियमानुसार कार्रवाई होती है, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग को सूचित कर दिया गया है।