किसानों द्वारा पीआर धान खरीद को लेकर की गई शिकायत पर महिला एवं बाल कल्याण राज्य मंत्री कमलेश टांडा की चेतावनी के बाद भी अनाज मंडी में धान की खरीद सुचारु नहीं हो पाई है। मंगलवार को किसान औश्र आढ़तियों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। आढ़ती ऋषि पाल, राजीव, सुरेंद्र कुमार, गुरुदेव, राजीव, सतविंदर, सुनील, जोरा राम, महा सिंह, राममेहर आदि ने बताया कि जब से पीर धान की अनाज मंडी में आवक हुई है तब से खरीद एजेंसियों द्वारा धान खरीद के नाम पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ किसान अनाज मंडी करीब 1 सप्ताह से भी अधिक समय से अपनी धान लेकर आए हुए हैं लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा धान में नमी, साफ-सफाई व कभी डिस्कलर जैसे बहाने बनाकर परेशान किया जा रहा है। किसान व आढ़तियों ने सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों से धान की खरीद करवाने व बकाया पेमेंट दिलवाए जाने की मांग की है।
20 दिन बाद भी नहीं हुई पेमेंट -मंडी आढ़ती राजीव व ऋषिपाल ने बताया कि सरकार द्वारा धान का मूल्य 72 घंटे में किसानों के खाते में पहुंचाने की बात कही जा रही है। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी किसानों को उनकी फसल पेमेंट नहीं हो पाई है।
हैफेड मैनेजर सुखदीप ने बताया कि मंडी में नियमानुसार धान की सफाई के लिए पंखे नहीं लगाए जा रहे हैं। कुछ किसानों द्वारा धान की ठीक से सफाई नहीं की गई है। धान की फसल में फूस की मात्रा अधिक है इस कारण धान की फसल की खरीद संभव नहीं हो पाई है। पेमेंट के बारे में उन्होंने कहा कि नई प्रक्रिया के अनुसार किसानों की पेमेंट प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करनी होती है। हैफेड की तरफ से प्रक्रिया पूरी कर ली गई है लेकिन मंडी आढ़ती व मार्केट कमेटी कार्यालय की तरफ से ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई खामी आने के कारण पेमेंब् किसानों के खाते में नहीं पहुंच पाई है।