कैथल। जिले में सुबह आठ से नौ बजे तक हुई एक घंटे की बारिश नेे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश से कहीं खेतों में पानी भर गया और कहीं तेज हवा के चलते फसल जमीन पर बिछ गई। किसानों के मुताबिक खेतों में गेहूं की फसल लगभग पक कर तैयार हो चुकी है। ज्यादा बरसात के चलते फसल के लिए संकट खड़ा हो सकता है। किसानों ने बताया कि बरसात के कारण गेहूं के उत्पादन में उन्हें काफी नुकसान हो सकता है। कैथल में शाम के समय भी आसमान में बादल छाए हुए थे तथा बरसात होने की संभावनाएं थीं।
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बूंदाबांदी ने किसानों की परेशानियां बढ़ाई
राजौंद। नगर में सुबह हुई बूंदाबांदी से किसानों के चेहरे एक बार फिर लटक गए। किसानाें का पीला सोना पकने को तैयार है। किसानाें को जहां अपनी फसलाें को लेकर चिंता हो रही है वहीं बे मौसम की उठा पटक ने किसानाें को दिन का चैन व रात की नींद उड़ा दी है। अगर इसी तरह मौसम परिवर्तन होता रहा तो किसानों को गेहूं की फसल सहेजने में भारी मशक्कताें का सामना करना पड़ेगा। वहीं में आ रहे बदलाव के चलते गेहूं की फसल की औसत पैदावार प्रभावित हुए बिना नही रह सकेगी। किसान गुरनाम, हरनाम, सतनाम, बूटा, सूबा सिंह, लाडी, अवतार सिंह, गोगा, विनोद कुमार, जोगेंद्र, अशोक, टीटू, दीपा, मोहन ने बताया कि एक एक दिन में फसल पकने के समीप जा रही है, परंतु आए दिन हो रही मौसम तबदीली से किसानों को अपने 6 महीने की कड़ी मेहनत को लेकर गहन चिंता सता रही है।
ढांड में भी नुकसान:
बेमौसम बरसात व तेज हवाओं ने एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। किसानों को डर है कि अगर ज्यादा बारिश हुई तो उनकी मेहनत पर पूरी तरह से पानी फिर जाएगा। हालांकि कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसलें खेतों में नीचे गिर गई है।
कृषि विकास अधिकारी ढांड डॉ. चंद्र प्रकाश ने कहा कि सोमवार को हुई बूंदाबांदी से गेहूं की फसलों को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। अगर बरसात तेज आती तो फसलों को नुकसान हो सकता था। उन्होेंने किसानों से अपील है कि मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए अभी फसलों की सिंचाई न करें, ताकि बरसात होने की स्थिति में फसलों को नुकसान न हो।