संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी की मार झेल रहे लोगों को शनिवार को मौसम में आए बदलाव से कुछ राहत मिली। जिले में करीब पांच मिनट चली धूल भरी आंधी ने जहां लोगों की परेशानी बढ़ाई, वहीं तापमान में गिरावट आने से गर्मी का असर कुछ कम हुआ। हालांकि काले घने बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं हुई और शाम होते-होते उमस के साथ गर्मी ने फिर दस्तक दे दी।
कुछ दिन पहले तक अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो शनिवार को घटकर करीब 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में लगभग चार डिग्री की गिरावट आने से लोगों ने राहत
महसूस की।
दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चलने लगी। आंधी के कारण सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई।
कुछ समय के लिए बाजारों और सड़कों पर आवाजाही भी कम हो गई। मौसम में बदलाव और तेज हवाओं के कारण गर्मी का असर कुछ कम हुआ, लेकिन उमस ने लोगों को पूरी राहत नहीं लेने दी। हवा में नमी बढ़ने से पंखे और कूलर चलने के बावजूद लोग बेचैनी महसूस करते रहे।
शुक्रवार को हल्की आंधी चली थी और आगामी दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। तापमान में थोड़ी राहत की उम्मीद है। -डॉ. रमेश चंद्र, मौसम समन्वयक
लू के लक्षण पहचानें, फिर करें ये उपाय
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तेज बुखार, लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना, त्वचा का सूखना या लाल होना, अत्यधिक पसीना आना या पसीना बंद हो जाना लू के प्रमुख लक्षण हैं।
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यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडे पानी की पट्टियों से ठंडा करें। यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे पानी या ओआरएस का घोल पिलाएं।
उपायुक्त अपरजिता ने जारी किए दिशा-निर्देश
लू के प्रकोप को देखते हुए उपायुक्त अपराजिता ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है, इसलिए सतर्कता और जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। उपायुक्त ने कहा कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें और खुद को लू के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखें।