कैथल। शनिवार अल सुबह से ही जिलेभर में रूक-रूक बारिश जारी रही जबकि सुबह नौ बजे 20 मिनट तक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसके बाद भी दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलती रही। जिससे कई जगहों पर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई।
दोपहर तीन बजे से आसमान में गरज चमक के साथ काली घटाएं फिर छा गईं और गरज चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे तक बारिश जारी रही। बादलों के चलते तापमान भी स्थिर बना रहा। अधिकतम तापमान 23 व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिलेभर में औसतन 10 एमएम बारिश हुई है।
बारिश के बाद शहर में जलभराव की स्थिति बन गई। करनाल रोड, लघु सचिवालय के मेन गेट, ढांड रोड, एसबीआई रोड, अमरगढ़ गामड़ी, रेलवे अंडर ब्रिज सहित शहर की अन्य कॉलोनियों में बारिश का पानी जमा हो गया। इस दौरान लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़। बारिश होने से सुबह शाम ठंड का प्रभाव बढ़ा।
उधर, किसान राजेश रहेजा, कर्मबीर, प्रदीप कुमार, कृष्ण कुमार व रोहिताश ने कहा कि बारिश से गेहूं की फसलों को फायदा है। यदि और अधिक बारिश होती है तो उससे नुकसान होने की संभावना है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। इस फसल में उत्पादन कम होगा। उन्होंने कहा कि यदि रविवार को भी बारिश हुई और ऐसे ही तेज हवा चलती रही तो गेहूं की फसलें गिरने से सकती है और किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
कोट्स
जिन किसानों ने एक दो दिन पहले ही फसलों में पानी दिया था। उनकी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। जिसमें उत्पादन पर प्रभाव पड़ सकता है। प्राकृतिक खेती का किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। प्राकृतिक खेती को फायदा है। यदि किसान प्राकृतिक तरीके से खेती करे तो उसको फायदा है।
-जोनी राणा, प्रगतिशील किसान।
दो दिन बारिश के आसार
तीन मार्च को भी पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश होने की संभावना है। इसके साथ तेज हवाएं जारी रहेगी। चार व पांच मार्च को आमतौर पर मौसम साफ रहेगा। छह मार्च का आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे।
-डॉ. रमेश वर्मा, कैथल कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक।
ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता
फोटो नंबर-27
संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। शनिवार राजौंद में बेमौसमी बारिश के साथ ओले भी गिरे। सुबह पांच बजे के आसपास बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी पूरा दिन रूक-रूक कर होती रही। वहीं, शाम पांच बजे के आसपास तेज बारिश व ओले गिरने से नगर सफेद चादर में ढक गया।
वहीं, गेहूं की अगेती फसलें तेज हवाओं व बरसात के चलते जमीन पर बिछ गई। शनिवार दिन भर आसमान पर घने काले बादल छाए रहे। मौसम में चल रही उठा पटक को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी। किसान गुरनाम, सतपाल, रामनिवास, धर्मबीर, राधे श्याम, राजकुमार, सुंदर, रामपाल, अवतार सिंह, लाड़ी ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही गेहूं की सिंचाई की थी शाम को बारिश के साथ तेज हवाओं ने उनके मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है।