कलायत। कलायत के पवित्र श्री कपिल मुनि तीर्थ में मछलियां मरने से पूरा वातावरण व सरोवर का जल दुर्गंध युक्त हो गया है। पिछले चार दिनों से सरोवर में मछलियों का मरना जारी है। सरोवर में मरी मछलियों की दुर्गंध से आसपास के रिहायशी क्षेत्र के लोगों के अलावा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नरेश वर्मा, सोनू व अशोक ने कहा कि पिछले करीब छह माह से सरोवर में ताजे पानी का भराव ही नहीं हो सका है। सरोवर का पानी पूरी तरह से गंदा हो गया व जलस्तर करीब तीन फीट घट गया है। सरोवर से पानी की निकासी का कोई प्रबंध न होने के कारण पानी गंदा होकर सड़ता ही है।
हर मास पूर्णिमा पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा होती है। सरोवर के गंदे जल को देखकर अनेक श्रद्धालु केवल आचमन से ही काम चला लेते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि 31 मई को निर्जला एकादशी व चार जून को पूर्णिमा आ रही है लेकिन इस बीच तीर्थ का जल दूषित हो चुका है। जो श्रद्धालु आस्था के साथ पवित्र तीर्थ में डुबकी लगाने के लिए आने वाले हैं, उनकी आस्था का क्या होगा।
नगर के लोगों का कहना है कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने बरसों पूर्व इस पवित्र तीर्थ का जीर्णोद्धार किया था। इसके बाद इसकी ओर ध्यान देना बंद कर दिया या। तीर्थ के चारों और बनाई गई दीवारों पर पीपल के बड़े बड़े पौधे पनप गए हैं। इससे सरोवर की चारदीवारी कभी भी गिर सकती है।
नगरवासियों ने मांग की है कि सरोवर के गंदे जल को निकलवाया जाए व शुद्ध जल का भराव किया जाए। मंदिर के पुजारी श्याम लाल गौतम का कहना है कि पवित्र तीर्थ सभी का है तथा इसे साफ सुथरा रखना सबकी जिम्मेवारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि तीर्थ को साफ सुथरा रखने में मंदिर प्रबंधक कमेटी का सहयोग करें।