गुहला-चीका। घग्गर नदी में मंगलवार को लगभग दो फीट जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। हालांकि बाढ़ का खतरा अभी नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर प्रशासन ने हजारों बैग नदी के कमजोर तटबंध के लिए स्टोर कर लिए हैं और सभी टीमों को मुस्तैद कर दिया गया है। वहीं किसान और ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच गई है।
जलस्तर बढ़ने से आस-पास के क्षेत्र के ग्रामीण अलर्ट हो गए हैं। फिलहाल टटियाना घग्गर नदी में 14630 क्यूसेक पानी है। अब आगामी 48 घंटे के अंदर जलस्तर बढ़ने की आशंका है। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए आपस में लोगों ने तालमेल बैठा कर पानी को रोकने का इंतजाम कर लिया है। सिंचाई विभाग के एसडीओ अजमेर मलिक ने बताया कि घग्गर नदी में फिलहाल 14 हजार 630 क्यूसेक पानी का बहाव है। सोमवार को घग्गर नदी में 13 हजार 90 क्यूसेक पानी का बहाव था। उन्होंने बताया कि पहाड़ों में लगातार बारिश होने के बाद नदी में पानी पहुंचा है और अभी स्थिति नियंत्रण में है। नदी की क्षमता लगभग 45 हजार क्यूसेक पानी की है।
शिवालिक पहाड़ियों से घग्गर का उद्गम ः यदि घग्गर नदी की बात करें तो हिमाचल के सिरमौर जिले में स्थित शिवालिक पहाड़ियों से घग्गर का उद्गम होता है। इसके बाद ये नदी पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र से कैथल जिले के गुहला-चीका क्षेत्र में प्रवेश करती है। पंजाब के पटियाला, पातड़ा, संगरूर से पतेहाबाद के चांदपुरा होते हुए पंजाब के सरदूलगढ़ से होते हुए सिरसा और फिर राजस्थान के हनुमानगढ़, सूरतगढ़ से यह नदी पाकिस्तान चली जाती है। संवाद
घग्गर में अब तक 18 बार आ चुकी है बाढ़
एक रिपोर्ट अनुसार 1852 में घग्गर में पहली बार बाढ़ आई थी। रिपोर्ट के अनुसार साल 1852 से लेकर अब तक घग्गर नदी बाढ़ के कारण पंजाब और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में 18 बार कहर बरपा चुकी है। नदी में साल 1852, 1887, 1888, 1976, 1981, 1984, 1988, 1993, 1994, 1995, 1996, 1997, 2000, 2001, 2004, 2010, 2015 और 2023 में बाढ़ आ चुकी है।